
एसेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए इस समय ITR भरे जा रहें है। हम सभी जानते हैं कि 31 जुलाई 2026 इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की लास्ट डेट है, लेकिन इसके अलावा आयकर विभाग ने 4 और डेड लाइन तय की है। आइए जानें क्यों और किसके लिए है…

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (Central Board of Direct Taxes) ने करदाताओं को बड़ी राहत दी है। सीबीडीटी ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से फाइल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न के प्रोसेसिंग के लिए और अधिक समय दिया है।

अगर आपकी आय टैक्स स्लैब के दायरे में आती है, तो आपको इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरना जरूरी है। आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की 15 सितंबर की समयसीमा नजदीक आ रही है, ऐसे में टैक्सपेयर्स को बढ़ती जांच का सामना करना पड़ रहा है।

ITR 2025: इस बार इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते वक्त खासा सावधान रहने की जरूरत है। अगर रिटर्न में भरी जानकारी और आपके दस्तावेजों में मेल नहीं खाता है, तो इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट की तरफ से नोटिस आ सकता है।
15 दिसंबर तक कई काम आपको करना जरूरी है। कई ऐसे वित्तीय काम हैं, जिन्हें पूरा करने की समयसीमा भी खत्म होने वाली है। इनमें विलंबित आईटीआर भरने से लेकर आधार कार्ड में अपडेट तक शामिल हैं।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कुछ जरूरी सुधारों के साथ नए ई-फाइलिंग पोर्टल 3.0 को लॉन्च करने के लिए तैयारी कर ली है। यह पोर्टल इस्तेमाल में काफी आसान होगा और इसकी मदद से आयकर रिटर्न बेहद कम समय में दाखिल की जा सकेगी।
ITR refund status 2024-25: इस बार रिफंड में देरी के पीछे एक कारण यह भी है कि बहुत से लोगों के आधार कार्ड से पैन कार्ड लिंक नहीं है, जिसकी वजह से रिफंड समय से जारी नहीं हो रहा है।
ITR Refund: रिफंड की प्रक्रिया रिटर्न को ई-वेरिफाई करने के बाद ही शुरू होती है, और करदाता के खाते में राशि जमा होने में 4-5 सप्ताह लगते हैं। आइए समझें क्यों लटक जाता है रिफंड..
How to check tax refund: वैसे तो इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट रिफंड जारी करने में चार से पांच सप्ताह का समय लेता है,लेकिन जब आपको समय पर रिफंड नहीं मिलता है तो डिपॉर्टमेंट के नोटिफिकेशन को चेक करना जरूरी हो जाता है।
ITR Refund: कुछ ऐसे कारण हैं, जिससे आपका रिफंड लटक सकता है। आइए समझें रिफंड लटकने के क्या कारण हैं? रिफंड का स्टेटस कैसे चेक करें? रिफंड में देरी होने पर क्या करें और अगर रिफंड दावा खारिज हो जाए तो क्या करें?