
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बातचीत की है। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा हालात पर चर्चा की।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ईरान की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर हमला करता है तो तेहरान पूरे क्षेत्र के बिजली ग्रिड को निशाना बना सकता है।

B-1B लांसर लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाला भारी बमवर्षक विमान है, जो बड़ी मात्रा में पारंपरिक बम ले जा सकता है। यदि इन्हें बंकर-बस्टर हथियारों से लैस किया जाता है तो वे भूमिगत सैन्य ठिकानों और मिसाइल भंडार जैसे कठिन लक्ष्यों को निशाना बना सकते हैं।
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपने पहले संदेश में ही अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि हालिया हमलों में मारे गए ईरानियों की हर मौत का बदला लिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर संघर्ष के नए मोर्चे भी खोले जा सकते हैं।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच देश में लगातार एलपीटी की किल्लत की खबरें आ रही हैं। ऐसे में पेट्रोलियम मंत्रालय ने एलपीजी की संतोषजनक उपलब्धता का भरोसा दिलाया है। इसके साथ ही कहा कि कई राज्यों को अतिरिक्त केरोसीन दिया है।
मंत्रालय ने इस सप्ताह कांग्रेस को वाणिज्य दूतावास को बंद करने के अपने इरादे के बारे में सूचित किया और कहा कि इससे प्रति वर्ष 75 लाख अमेरिकी डॉलर की बचत होगी तथा पाकिस्तान में अमेरिकी राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने की उसकी क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बीच अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा है कि फिलहाल अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करने के लिए तैयार नहीं है।
Iran US War: ईरान के कई द्वीप रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनमें खार्ग द्वीप विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ईरान के प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनलों में से एक है। इसके अलावा कुछ द्वीपों पर ईरान के सैन्य अड्डे भी मौजूद हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम ने कहा है कि वह ईरान में अपने परमाणु परियोजनाओं से पीछे नहीं हटेगी। कंपनी प्रमुख एलेक्सी लिकाचेव ने गुरुवार को कहा कि रोसाटॉम बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में दो नई इकाइयों के निर्माण के अपने समझौते के प्रति प्रतिबद्ध है।
पाकिस्तान के रुख को लेकर माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने सिर्फ अपने कर्ज के हित को देखते हुए सऊदी अरब का साथ दिया है। इसके अलावा शिया और सुन्नी वाला विवाद भी अहम है। पाक नहीं चाहता कि वह शिया मुल्क ईरान के साथ बहुत ज्यादा दिखे, जबकि सुन्नी देश सऊदी अरब के साथ रहना आंतरिक राजनीति में भी फायदा देगा।