
मुंबई। जियोफाइनेंस ऐप ने कई बैंकों और एनबीएफसी की सावधि जमा सेवाएं शुरू की हैं। ग्राहक विभिन्न बैंकों की सावधि जमा की शर्तों की तुलना कर सकेंगे। ऐप पर 8.15 प्रतिशत सालाना तक की ब्याज दर की पेशकश की जा रही है।

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि नीतिगत ब्याज दरें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहेंगी और इनमें आगे कमी संभव है। आरबीआई ने अभी कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दरों में गिरावट की संभावना है। किसान क्रेडिट कार्ड और एमएसएमई को ज्यादा ऋण की संभावना पर भी चर्चा हुई।

भारतीय रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों को स्थिर रखने और रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट को कर्ज देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके बाद, घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 266 अंक और निफ्टी 51 अंक की बढ़त के साथ बंद हुए। आईटीसी में सबसे अधिक 5.09% की तेजी देखी गई।

भारतीय रिजर्व बैंक इस बार ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। जानकारों के अनुसार, आरबीआई की बैठक में नीतिगत ब्याज दरों में कटौती पर विराम लगाने की उम्मीद है। हाल ही में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने दरें नहीं बढ़ाने का फैसला किया था, जिससे भारतीय रुपया कमजोर हो सकता है।
महराजगंज में व्यापारियों ने महंगाई, ऊंची ब्याज दरों और साइबर अपराधों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री को 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा, जिसमें बैंक ऋणों पर ब्याज दरों में कटौती और व्यापारियों के लिए पेंशन योजना की मांग की गई। व्यापारी वर्ग आज गंभीर संकट का सामना कर रहा है।
पश्चिम चंपारण में किसान क्रेडिट कार्ड की उपलब्धि 50 फीसदी से कम है। बैंकों की उदासीनता के कारण किसान साहूकारों के भरोसे खेती कर रहे हैं। एलपीसी और सिबिल स्कोर जैसी बाधाएं किसानों को कर्ज लेने में परेशानी दे रही हैं। सरकार ने 22,155 नए किसान क्रेडिट कार्ड का लक्ष्य रखा है, लेकिन केवल 2,955 किसानों को लाभ मिला है।
खगड़िया में किसानों को खेती के लिए बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत ऋण मिल रहा है। हालांकि, कई बैंक सुस्त प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। अब तक 31% ऋण वितरण लक्ष्य पूरा किया गया है, लेकिन प्रक्रिया जटिल होने के कारण किसान कठिनाई का सामना कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के क्रेडिट कार्ड ब्याज दरों को सीमित करने के प्रस्ताव ने अमेरिका के बैंकिंग सेक्टर में हलचल मचा दी है। बैंकों के सीईओ ने चेतावनी दी है कि इससे वित्तीय प्रणाली में अनिश्चितता बढ़ेगी। ट्रंप का यह कदम कम आय वर्ग के उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचा सकता है और बैंकों के मुनाफे पर प्रभाव डाल सकता है।
मुंबई में रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.29 पर बंद हुआ, जो कि छह पैसे की गिरावट है। डॉलर की मजबूती, विदेशी पूंजी की निकासी और घरेलू बाजारों में गिरावट के कारण रुपया कमजोर हुआ। हालांकि, मुद्रास्फीति में कमी और ब्याज दरों में संभावित कटौती से रुपये को समर्थन मिल सकता है।
छिबरामऊ में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन द्वारा व्यापारियों की बैंक लोन से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु 15 जनवरी को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में बैंक लोन, ऋण स्वीकृति, ब्याज दरों और अन्य समस्याओं पर चर्चा होगी। सभी व्यापारियों से उपस्थित होने की अपील की गई है।