बांग्लादेश ने तीस्ता नदी परियोजना के लिए चीन से मदद मांगी है। भारत के बेहद संवेदनशील 'चिकन नेक' के पास चीन की मौजूदगी से राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। जानें क्या है ढाका और बीजिंग का ये पूरा प्लान।

Saffron Wave Sweeps Bangladesh Border: विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा की इस जीत के पीछे न सिर्फ उसका अवैध घुसपैठिए का मुद्दा और उस पर आक्रामक विरोधी रुख रहा बल्कि एक खामोश जनसांख्यिकीय आक्रमण का नैरेटिव भी है।

असम और पश्चिम बंगाल में BJP की जीत के बाद बांग्लादेश को अवैध घुसपैठियों के 'पुशबैक' का डर सता रहा है। ढाका ने इस मुद्दे पर बड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत-बांग्लादेश संबंधों पर क्या पड़ेगा असर, जानिए पूरी खबर।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के 'विदेशी नागरिकों को वापस खदेड़ने' वाले बयान पर बांग्लादेश ने कड़ा विरोध जताया है। ढाका ने भारतीय कार्यवाहक उच्चायुक्त को तलब कर द्विपक्षीय संबंधों पर असर डालने वाले बयानों से बचने की नसीहत दी।
बांग्लादेश के चटगांव हिल ट्रैक्स में भारतीय गोला-बारूद मिलने के मीडिया दावों पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रतिक्रिया दी है। जानिए इस असत्यापित रिपोर्ट की पूरी सच्चाई और भारतीय आयुध कारखानों पर भारत का आधिकारिक बयान।
बांग्लादेश के खुफिया प्रमुख ने दिल्ली में R&AW और फिर पाकिस्तान में ISI अधिकारियों से मुलाकात की है। जानिए तारिक रहमान सरकार की इस नई 'बैलेंसिंग कूटनीति' और भारत-पाकिस्तान के साथ चल रहे इस रणनीतिक खेल के क्या मायने हैं।
बांग्लादेश ने पाकिस्तान से मिली आजादी का जश्न मनाते हुए भारत के साथ संबंधों में एक नई शुरुआत की है। तारिक रहमान के नेतृत्व में नई दिल्ली से बढ़ती नजदीकियों ने पाकिस्तान के 'शहबाज-मुनीर' प्लान को पूरी तरह से फेल कर दिया है। जानिए कैसे पलटी पूरी बाजी।
भारत और बांग्लादेश के बीच तीन मैच की वनडे और इतने ही मैच की टी20 सीरीज 2025 में खेली जानी थी, मगर बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता, सुरक्षा चिंताओं और दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण राजनयिक संबंधों के कारण इस टूर को स्थगित कर दिया था।
बांग्लादेश के पूर्व कप्तान महमूदुल्लाह ने बताया कि उस हर के बाद बांग्लादेश के खिलाड़ी मैदान पर तो रोए ही, उनके आंसू होटल में भी नहीं रुके। हालांकि वह उस हार को जिंदगी बदल देने वाला मैच मानते हैं क्योंकि उन्होंने उस दिन काफी कुछ सीखा था।
भारत और बांग्लादेश समझौते के तहत पाइपलाइन के जरिए 5,000 टन डीजल बांग्लादेश पहुंच रहा है। वहीं, देश में ईंधन की कृत्रिम कमी और अवैध जमाखोरी को रोकने के लिए बांग्लादेश सरकार ने छापेमारी शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर।