
भारत की यह रणनीति महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि चीन की चुनौती से निपटने के लिए सिर्फ क्वाड पर निर्भरता तर्कसंगत नहीं है। हाल में अमेरिका के रुख में बदलाव से क्वाड ज्यादा सक्रिय नहीं दिखा है।

भारतीय बिजली उद्योग के लिए चीनी तकनीक और विशेषज्ञता कितनी जरूरी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल घरेलू उद्योग ने चीनी तकनीशियनों के लिए वीजा नियमों में ढील देने की मांग की थी।

तवांग, अरुणाचल प्रदेश में 1962 के भारत-चीन युद्ध का एक जीवित गोला मिला। भारतीय सेना ने इसे निष्क्रिय किया। पुलिस कप्तान तासी दरांग के अनुसार, यह गोला तवांग नगर के लेब्रांग क्षेत्र में मिला। सुरक्षा उपायों के तहत क्षेत्र में आवाजाही रोकी गई और बम निरोधक टीम ने इसे सुरक्षित रूप से नष्ट किया।

धारचूला, संवाददाता। छह वर्षों के अंतराल के बाद भारत-चीन सीमा व्यापार दोबारा शुरू होने जा रहा है। 300 ट्रेड पास जिला प्रशासन को मिल चुके हैं। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने बताया कि इसी हफ्ते से व्यापार की शुरुआत होगी। व्यापारियों के आवेदन जमा हो चुके हैं।
धारचूला में भारत-चीन सीमा व्यापार छह वर्षों के बाद फिर से शुरू होने जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने 300 ट्रेड पास जिला प्रशासन को दिए हैं। ट्रेड कार्यालय का उद्घाटन किया गया और 20 व्यापारियों ने आवेदन जमा किए। व्यापार के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। आईटीबीपी ने 2024 में 4,503 गश्त कीं, जो हर महीने लगभग 500 हैं। पिछले वर्षों की तुलना में गश्त की संख्या में तीन गुना वृद्धि हुई है। 2023 तक, 65 पेट्रोलिंग प्वाइंट्स में से 26 पर गश्त नहीं हो पा रही थी।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने 11 मार्च को भारत और चीन सहित 16 देशों की नीतियों की जांच के लिए नई जांच शुरू की है। ट्रंप प्रशासन ने 10% आयात शुल्क लगाने की घोषणा की थी। जांच में व्यापार अधिशेष, सब्सिडी और श्रम मानकों की पड़ताल होगी। भारत के कुछ क्षेत्रों में निर्यात अधिशेष की संभावना है।
धारचूला। भारत-चीन सीमा व्यापार समिति ने सरकार से तकलाकोट से दोबारा व्यापार शुरू करने की मांग उठाई है। समिति के सदस्यों ने बीते रोज इस संबंध में प्रधान
भारत-चीन मैच देखने उमड़ी हजारों की भीड़, गर्मी पर भारी पड़ा जुनूनभारत-चीन मैच देखने उमड़ी हजारों की भीड़, गर्मी पर भारी पड़ा जुनूनभारत-चीन मैच देखने उमड़ी हजारों की भीड़, गर्मी पर भारी पड़ा...
भारत-चीन के बीच सुलह के अमेरिका के लिए गहरे निहितार्थ हैं। अमेरिका ने पिछले कुछ दशकों में लगातार शक्तिशाली हो रहे चीन को संतुलित करने के इरादे से भारत को अपने पाले में लाने की कोशिश की थी।