
एआई को लेकर दुनिया भर में एक सवाल काफी चर्चे में रहता है कि क्या आने वाले समय में AI इंसानों की नौकरियां कम कर देगा? क्योंकि कई क्षेत्रों में AI के बढ़ते प्रभाव के कारण कर्मचारियों के बीच नौकरी को लेकर चिंता भी देखी जा रही है।

छात्र ने जो किया है वो गलत है लेकिन वह ऐसा कैसे कर पाया यह सवाल आईआईटी के जिम्मेदारों को हैरान कर रहा है। आईआईटी कानपुर ने इसे गंभीरता से लिया है लेकिन उसके खिलाफ एफआईआर नहीं कराने का फैसला लिया है। आईआईटी कानपुर ने कहा है कि छात्र की प्रतिभा को सही दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।

आईआईटी मद्रास ने 2026-27 बैच के नए छात्रों के लिए शानदार फ्रेशर्स किट का खुलासा किया है, जिसमें 25 जुलाई से ओरिएंटेशन और 30 जुलाई से क्लास शुरू होने की पूरी जानकारी है।

इस कोर्स का उद्देश्य प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नए बिजनेस आइडिया को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए जरूरी ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
आईआईटी मद्रास प्रशासन ने छात्रों को जंतर-मंतर प्रदर्शन और सोनम वांगचुक के समर्थन में बनाए गए इंस्टाग्राम वीडियो हटाने का निर्देश दिया है।
मुंबई-मद्रास जैसे हाईफाई आईआईटी को छोड़कर जेईई में 32वीं रैंक हासिल करने वाले छात्र महरुफ ने कानपुर आईआईटी में दाखिला लिया है। महरुफ के फैसले से आईआईटी कानपुर भी गदगद है। संस्थान को छह साल बाद टॉप-100 रैंकर्स में से कोई छात्र मिला है।
IIT मद्रास ने मई 2025 में आईआईटी मद्रास प्रवर्तक के सहयोग से 'AI for All' पहल की शुरुआत की थी। इस पहल के तहत देशभर के किंडरगार्टन (KG) से लेकर कक्षा 12 तक के शिक्षकों के लिए AI से जुड़े कोर्स तैयार किए गए हैं।
आईआईटी मद्रास भी आईआईटी कानपुर की तरह बीटेक जैसा चार साल का डिग्री कोर्स बैचलर ऑफ सायबर सिक्योरिटी ( B. Cyber ) कराएगा। इस वर्ष जेईई मेन से यहां दाखिले होंगे।
छात्र ने बताया कि IIT मद्रास में पढ़ने का सपना उसके मन में सोशल मीडिया या कोचिंग की वजह से नहीं आया था। उसने कहा कि जब वह 7वीं या 8वीं कक्षा में था, तब उसने अपने पिता से पूछा था कि IIT मद्रास के गेट के अंदर क्या है? उसी दिन से उसने तय कर लिया था कि एक दिन उसे इसी संस्थान में पढ़ना है।
CBSE पोर्टल में गड़बड़ी पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ऐक्शन में हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने आईआईटी कानपुर के दो और आईआईटी मद्रास के दो वैज्ञानिकों की टीम बनाई है। चारों को दिल्ली बुलाया है।