
दिव्यांगों के लिए भौतिक व वातावरण जरूरी दिव्यांगों के लिए भौतिक व वातावरण जरूरी दिव्यांगों के लिए भौतिक व वातावरण जरूरी

कानपुर में केंद्रीय विद्यालय आईआईटी में युवा दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। प्राचार्य रवीश चंद्र पांडेय ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण से की। प्रियंका तिवारी ने स्वामी विवेकानंद के विचारों पर चर्चा की और विद्यार्थियों ने उनके प्रेरणादायक विचारों का वाचन किया। कक्षा 11 की छात्रा प्रज्ञा ने स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व पर अपने विचार साझा किए।

आईआईटी कानपुर के कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी ने सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा पर एक व्याख्यान आयोजित किया। प्रो. अशोक गुलाटी ने बताया कि मिट्टी, जल और जैव विविधता पर दबाव एक चुनौती है। उन्होंने सटीक कृषि तकनीकों की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ-साथ नीतियों और साझेदारियों में सामंजस्य जरूरी है।

इंटर आईआईटी प्रतियोगिता में छात्र दल ने पाया पांचवां स्थान इंटर आईआईटी प्रतियोगिता में छात्र दल ने पाया पांचवां स्थान

केएमसी भाषा विश्वविद्यालय में 'बिल्डिंग द फ्यूचर: स्टार्टअप सपोर्ट एंड एआई इनोवेशन' विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान हुआ। आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के टिप्स दिए। मुख्य वक्ता वसव कृष्णा ने बताया कि एआई और डेटा-आधारित नवाचार समाज की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

प्रोस्टेट और कोलोरेक्टल कैंसर के क्षेत्र में किया अध्ययन एंटी-एंड्रोजन दवाओं के हानिकारक पहलू को

केके बिरला फाउंडेशन ने 2025 का घनश्याम दास बिड़ला शोध पुरस्कार आईआईटी कानपुर की प्रोफेसर बुशरा अतीक को देने की घोषणा की है। इस पुरस्कार के तहत पांच लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। प्रो. बुशरा कैंसर रिसर्च में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जानी जाती हैं।

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के जैविक विज्ञान एवं

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता के के बिरला फाउंडेशन द्वारा वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए

कानपुर। प्रमुख संवाददाता आईआईटी कानपुर के दो वैज्ञानिकों को इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेस की ओर