
आईआईटी धनबाद के प्रोफेसरों ने डीपीएलएमए हाईस्कूल, नावागढ़ में छात्रों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में प्रैक्टिकल शिक्षा दी। एसटीईएम आउटरीच प्रोग्राम के तहत 300 छात्रों को विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान की समझ बढ़ाने का प्रयास किया गया। यह पहल वंचित वर्ग के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है।

मैथन में आईआईटी धनबाद के दूसरे कैंपस के लिए 89 एकड़ जमीन पर डीवीसी ने दावा किया है। डीवीसी के अपर सचिव ने धनबाद के डीसी को पत्र लिखकर जमीन के मालिकाना हक की स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है। बिना सत्यापन के जमीन का ट्रांसफर होने पर पुनर्वास परियोजना प्रभावित हो सकती है।

रजौन(बांका)। निज संवाददाता रजौन(बांका)। निज संवाददाता बिहार बोर्ड मैट्रिक की परीक्षा में बीते वर्ष 2019 में बिहार स्तर पर प्रथम स्थान लाने वाला सावन राज

झारखंड की कृषि व्यवस्था में गिरिडीह को ऑर्गेनिक हब बनाने की योजना है। आईआईटी धनबाद और केरल की तकनीक से यहाँ एक सूक्ष्मजीव इकाई और मृदा परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। यह पहल किसानों की तकदीर बदलने और मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए की जा रही है।
आईआईटी आईएसएम धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने गणित की स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती भूमिका पर चर्चा की। मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में गणित, बायोलॉजी और हेल्थकेयर को जोड़ा गया। प्रो. तिवारी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और गणित के संयोजन को स्वास्थ्य अनुसंधान में महत्वपूर्ण बताया।
ओडिशा सरकार के ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएमसी) और आईआईटी धनबाद के टैक्समिन के बीच सुरक्षित और सतत खनन को बढ़ावा देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह सहयोग प्रशिक्षण, नीति आधारित शिक्षण और नवाचार केंद्रित गतिविधियों पर काम करेगा, जिससे खनन पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण होगा।
आईआईटी धनबाद के माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग ने असिस्टेंट माइन सर्वेयर कोर्स के तहत एक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्घाटन किया। यह प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के अंतर्गत चल रहा है और 10 जून तक चलेगा, जिसमें 110 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उपनिदेशक प्रो धीरज कुमार ने प्रमाण-पत्र वितरित किए।
धनबाद में आईआईटी के गोल्डन जुबली हॉल में 'मैं शगुन हूं' किताब की लांचिंग की गई। इस अवसर पर डिप्टी डायरेक्टर धीरज कुमार, न्यूरो साइकैटरिस्ट डॉक्टर मृणाल झा और लेखक अविनाशी सिंह उपस्थित थे। बच्चों ने लेखक से सवाल पूछे, जिनका उत्तर अविनाशी ने दिया। डिप्टी डायरेक्टर ने लेखक को शुभकामनाएं दीं।
युवा संगम कार्यक्रम का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो गया है। इस बार आईआईटी आईएसएम धनबाद और आईआईटी इंदौर के माध्यम से झारखंड और मध्य प्रदेश के युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 18 से 30 वर्ष के युवा 18 मार्च तक पंजीकरण कर सकते हैं।
आईआईटी धनबाद के प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग ने झारखंड के जनजातीय विद्यार्थियों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर कौशल पर क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यह कार्यक्रम ईएमआरएस तोरसिंदुरी और सलगाडीह में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य डिजिटल साक्षरता और तकनीकी कौशल को बढ़ाना है।