
तिरुपति के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मुद्दादा रवि चंद्र ने श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के कार्यकारी अधिकारी के रूप में पदभार संभाला। उन्होंने अनिल कुमार सिंघल की जगह ली, जो तिरुपति लड्डू घी में मिलावट मामले में फंसे हैं। नए कार्यभार संभालने के बाद चंद्र ने मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए।

छपरा के डीएम वैभव श्रीवास्तव की सूझबूझ से एक फर्जी आईएएस पकड़ा गया। आरोपी खुद को यूपी कैडर का आईएएस अधिकारी बताकर सरकारी अफसरों से मिलता था और उनसे काम निकलवाकर लोगों से पैसों की वसूली करता था।

रांची में, निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में चार दिनों की पुलिस रिमांड के बाद एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें पुनः न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एसीबी मामले की जांच कर रही है और अवैध संपत्ति के स्रोतों पर आगे पूछताछ की संभावना है।

चार दिनों की रिमांड पर एसीबी कर रही पूछताछ, ज्ञात स्रोतों से 2.20 करोड़ रुपये की अधिक कमाई

बिसौली में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की बैठक में आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के ब्राह्मणों पर विवादित बयान के खिलाफ रोष व्यक्त किया गया। महासभा के अध्यक्ष कवि माधव मिश्र ने कहा कि इस बयान से ब्राह्मण समाज को आघात पहुंचा है और यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन किया जाएगा।

यूपी में आईएएस अभय सिंह पर उनकी मां ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी मां रेखा सिंह ने मकान कब्जा करने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उनकी मां ने इस पूरे मामले की शिकायत राजस्व परिषद चेयरमैन से की है।

-राजस्व परिषद चेयरमैन को लिखा पत्र -कहा चित्तौड़गढ़ के मकान पर कब्जा कर रखा

यूपी में आईएएस अनामिका सिंह का वीआरएस मंजूर कर लिया गया है। इस संबंध में यूपी सरकार द्वारा औचारिक आदेश जारी किया जाएगा, जिसे 30 जनवरी से प्रभावी माना जाएगा।

पंडौल अंचल कार्यालय में थाना दिवस पर प्रशिक्षु आईएएस विरूपाक्ष विक्रम सिंह के नेतृत्व में जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान आम लोगों की समस्याएं सुनी गईं और एक दर्जन मामलों का समाधान किया गया। अधिकारियों ने फरियादियों को त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासन का प्रयास है कि जनता और प्रशासन के बीच समन्वय बढ़े।

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी आईएएस अधिकारी तालो पोटोम की जमानत रद्द कर दी है। अदालत ने उन्हें हिरासत में लेने का आदेश दिया है, क्योंकि पिछले वर्ष की जमानत में महत्वपूर्ण सबूतों की अनदेखी की गई थी। मामला गोमचू येकार की आत्महत्या से जुड़ा है, जिसमें मानसिक उत्पीड़न और यौन शोषण के आरोप हैं।