
संभल में सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुन्नौर के नंदरौली गांव में होली दहन के दौरान जलती होली के बीच एक युवक अचानक पहुंच गया और करीब 20 सेकेंड तक आग की लपटों के बीच हाथ जोड़कर खड़ा रहा।

होलिका दहन की राख से नजर दोष उतारने के सरल लेकिन रामबाण उपाय किए जाते हैं, जिन्हें शास्त्रों में बहुत प्रभावी बताया गया है। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से

Holika Dahan 2026, Raat ko kab Jalegi Holi: होलिका दहन के दिन प्रदोष काल में परंपरा निभाने का विधान है। पूर्णिमा के दिन ही होलिका दहन किया जाता है। इस खास दिन पर रात के समय कुछ उपाय करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

होलिका दहन 2 मार्च को होगा और 4 मार्च तो धुलेंडी पर रंगों की होली मनाई जाएगी। होलिका की अग्नि में नकारात्मकता जलकर भस्म हो जाती है और बचने वाली राख में मां लक्ष्मी की कृपा समाहित होती है।

holika dahan 2026 muhurat : होलिका दहन आज फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन किया जा रहा है। आज शाम से पूर्णिमा तिथि लगी हैऔर होलिका दहन रात को 12.40 मिनट के बाद होगा, क्योंकि इस समय भद्रा का मुख नहीं भद्रा की पुंछ होगी।

2026 में होलिका दहन 2 मार्च की शाम को होगा और निशीथ काल रात 12:06 से 12:56 बजे तक रहेगा। इस दौरान मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय किए जा सकते हैं।

Holika Dahan Upay 2026, Holika Dahan Ke Upay: इस साल 02 और 03 मार्च को होलिका दहन का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन कुछ जगहों पर शाम के समय में दीपक जलाने से लक्ष्मी मैया का आगमन होता है और सुख-समृद्धि भी बनी रहती है।

इसी गांव में महाभारत कालीन श्री बरसी महादेव शिवालय है। इसकी स्थापना पांडवों ने की थी। ग्राम बरसी में महाभारत कालीन ऐतिहासिक शिव मंदिर है। गांव का इतिहास महाभारत कालीन है। मान्यता है कि श्री शिव मंदिर की स्थापना पांडवों ने अज्ञातवास की समाप्ति पर की थी।

शास्त्रों और लोक परंपरा में होलिका की परिक्रमा का विशेष महत्व है। सही विधि से परिक्रमा करने से घर में कलह-क्लेश दूर होते हैं, ग्रह बाधाएं कम होती हैं और भाग्य मजबूत होता है। आइए जानते हैं होलिका परिक्रमा के सही नियम, संख्या और फायदे।

होली का त्योहार सिर्फ रंगों और मस्ती का नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत और घरेलू कलह-क्लेश से मुक्ति का भी प्रतीक है। 2026 में होलिका दहन 2 मार्च को होगा। इस दिन विधि-विधान से होलिका पूजन करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा, ऊपरी बाधा, प्रेत बाधा और गृह क्लेश दूर हो सकता है।