
बाराबंकी के सतीनपुरवा निवासी मोहम्मद सलमान ने मुफलिसी के दौर को पीछे छोड़ आधुनिक खेती के जरिए सफलता की नई इबारत लिखी है। 2 एकड़ से शुरुआत कर आज वह 29 एकड़ में खेती कर रहे हैं और सालाना 70 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल कर रहे हैं।

लखीमपुर खीरी जिले के निघासन इलाके में हर साल धान की फसल कटते ही एक अनोखी शादी आयोजित होती है, जिसे देखने लोग दूर-दूर से जुटते हैं। यह शादी किसी इंसान की नहीं, बल्कि एक कुएं और इमली के पेड़ की होती है।

नेपाल बॉर्डर के ककरदरी जंगल में राप्ती नदी किनारे स्थित जगपति धाम मंदिर आज भी रहस्यमयी आस्था का प्रतीक बना हुआ है। रात होने पर यहां बाघ और चीता जैसे जंगली जानवर आते हैं, लेकिन किसी भक्त को नुकसान नहीं पहुंचाते।

सुलतानपुर की नेशनल स्तर की ताइक्वांडो और किक बॉक्सिंग खिलाड़ी अमीना बानो आज गुमनामी का जीवन जी रही हैं। उन्होंने 2012 में सामाजिक और पारिवारिक बंदिशों के बावजूद, स्कूल की फीस चोरी कर पंत स्टेडियम में प्रशिक्षण शुरू किया था।

आम तौर पर पान की दुकानों का ज़िक्र आते ही तंबाकू और सिगरेट से भरी एक आम दुकान की तस्वीर सामने आती है, लेकिन बरेली के फूटा दरवाजा इलाके में एक पान की दुकान बच्चों की जिंदगी बदलने का माध्यम बन गई है। यहां के ‘पान वाले चाचा’ आरिफ अहमद अपनी छोटी-सी दुकान को बच्चों की मुफ्त पाठशाला में बदल चुके हैं।

प्रयागराज जंक्शन पर ट्रेनों की सुरक्षा और अधिक हाईटेक होने वाली है। स्टेशन परिसर में प्रवेश और निकलने वाली ट्रेनों की निगरानी अब रेलकर्मी नहीं बल्कि एआई करेगा। उत्तर मध्य रेलवे ने स्टेशन पर हाईटेक एआई निगरानी प्रणाली स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बरेली के भगवान बंसल ने दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर में पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में ऐसा धमाल मचा दिया है। 75 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भगवान ने 5 गोल्ड मेडल अपने नाम किये। इस दौरान उन्होंने दो नए विश्व रिकॉर्ड भी बनाए।

लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी कस्बे के युवा फिल्ममेकर बिलाल हसन अब बड़े पर्दे पर निर्देशन की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। उनकी पहली फीचर फिल्म ‘पंचायत’ में वेब सीरीज से मशहूर हुए अभिनेता जितेंद्र कुमार मुख्य भूमिका में नजर आएंगे।

कारगिल युद्ध में अपने साहस और बलिदान की अमिट छाप छोड़ने वाले नायक दीपचंद इन दिनों बरेली में हैं। दोनों पैर और एक हाथ गंवाने के बावजूद जज्बे से भरपूर दीपचंद आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। वे यहां स्कूली बच्चों को देशभक्ति और सेना में भर्ती होने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में 19 से 25 नवंबर तक 'विश्व धरोहर सप्ताह' मनाया जाएगा। इस दौरान उप्र राज्य संग्रहालय और पुरातत्व विभाग 75 जिलों में मोबाइल वैन भेजेगा, जो 500 से अधिक ऐतिहासिक धरोहरों की जानकारी देगी।