मौसम विभाग न 2015 के बाद पहली बार दीर्घकालिक औसत से कम बारिश की भविष्यवाणी की है। वहीं जून और जुलाई के महीने में भी हीटवेव की आशंका जताई गई है। कम बारिश की वजह से महंगई की मार भी डबल हो सकती है।

मेरठ में भीषण गर्मी से बकरे, कुत्ते और बिल्लियां बीमार पड़ रहे हैं। पशु अस्पतालों में मरीजों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है। बकरों में न्यूमोनिया, डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक के मामले बढ़े हैं। कई बकरों को ड्रिप तक लगानी पड़ रही है।

इस बार सुपर अल-नीनो की आशंका है। पिछला अल-नीनो 2024 में आया और भीषण गर्मी पड़ी थी। मई माह में 2024 में 2016 के बाद सबसे अधिक दिन का तापमान दर्ज किया गया था। वर्ष 2015 के बाद से अब तक 2024 में मई का तापमान सर्वाधिक है।

मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और ओडिशा में हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में सीवियर हीट वेव संभव है। अधिकतम तापमान 43-46 डिग्री तक पहुंच सकता है।
सहारनपुर में भीषण गर्मी से राहत देने के लिए नगर निगम ने प्रमुख चौराहों पर ग्रीन नेट और मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाने शुरू किए हैं। इससे ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने वाले लोगों को धूप और गर्म हवाओं से राहत मिलेगी। शहर में नए कूलर भी लगाए गए हैं।
राजस्थान में कुछ दिनों तक राहत देने वाली आंधी और बारिश अब थम चुकी है और इसके साथ ही गर्मी ने फिर से तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहा और तेज धूप निकलने से तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भीषण गर्मी में पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था और राहत प्रबंधन में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी और सभी विभाग संभावित परिस्थितियों का पूर्वानुमान लगाकर अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करें। कंट्रोल रूम को 24 घंटे एक्टिव होने का निर्देश दिया है।
बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में मौसम सेवा केंद्र की ओर से बताया गया कि आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की आशंका है। साथ ही इस साल मॉनसून शुरुआती दौर में बहुत कमजोर रहने वाला है।
यूपी में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित है। बांदा में 47.6°C तापमान के साथ रिकॉर्ड बना। जो देश का सबसे गर्म शहर बन गया। झांसी सहित कई जिलों में पारा 44°C पार पहुंच गया है। गर्मी के मामले में बांदा ने राजस्थान को भी पछाड़ दिया है। वहीं प्रदेश सरकार ने लू से बचाव के दिशा-निर्देश लागू किए गए
कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पिछले 15 दिनों में ऐसे “कन्फ्यूजन केस” करीब 20 फीसदी तक बढ़े हैं। उन्हें डॉक्टर सीधे तौर पर हीट स्ट्रेस और ब्रेन की ऑक्सीजन सप्लाई में गड़बड़ी से जोड़ रहे हैं। पारा 40 डिग्री होते ही अब सिर्फ शरीर पर नहीं, दिमाग पर भी असर दिखने लगा है।