
हनुमान बड़े हुए, तो उन्हें सूर्यों से ज्ञान प्राप्ति के लिए भेजा गया। हनुमान जी ने उनसे काफी कुछ सीखा और सूर्य को गुरु दक्षिणा देनी चाही तो सूर्यने मना कर दिया

Hanuman ji: हनुमान ने भी लंका को देखा, परंतु वैराग्य के शिखर पर खड़े होकर लंका को देखा। यह बड़े महत्व का सूत्र है। इन वस्तुओं का आकर्षण जब आए, तो वैराग्य के ऊंचे शिखर पर चढ़ जाना चाहिए। वैराग्य के शिखर पर जाने का परिणाम यह हुआ कि हनुमान ने निर्णय किया कि इस लंका को तो जला देना चाहिए।

What is the right time to chant Sunderkand: सुंदरकाण्ड का पाठ यूं तो प्रतिदिन किया जा सकता है। अगर रोज पाठ करना संभव नहीं है तो, सुंदरकाण्ड का पाठ 11, 21, 31 और 41 दिन तक करना उत्तम माना जाता है।

Mangalwar ke din kya daan karna chaiye: संकटमोचन हनुमान जी की कृपा पाने के लिए मंगलवार का दिन अत्यंत खास माना गया है। मान्यता है कि इस दिन 5 चीजों का दान करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और भक्त पर अपनी विशेष कृपा बरसाते हैं।
Bada Mangal 2026: साल 2026 में ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगा। इस दौरान पड़ने वाले सभी मंगलवार बड़े मंगल कहलाएंगे। दूसरा बड़ा मंगल 12 मई 2026 को होगा।
Hanuman Son Katha: जानें हनुमान जी के बेटे का नाम क्या है और देश के किन 2 मंदिरों में उनकी पूजा होती है? साथ ही पढ़ें हनुमान-मकरध्वज की वो कथा जिसका जिक्र पुराणों में है।
bada mangal 2026: 2 मई 2026 से ज्येष्ठ का महीना शुरू हो रहा है। इस महीने में पड़ने वाले हर मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। इस दिन बजरंगबली की विशेष रूप से पूजा अर्चना की जाती है। आमतौर पर ज्येष्ठ माह में 4 से 5 बड़ा मंगल पड़ता है, लेकिन इस बार एक बड़ा संयोग बन रहा है।
Hanuman Chalisa Quiz: हनुमान चालीसा को लेकर लोगों की आस्था काफी गहरी है। देशभर में करोड़ों लोग रोजाना या फिर खास दिनों पर इसका पाठ करते हैं। माना जाता है कि भगवान हनुमान की कृपा पाने का यह सबसे आसान तरीका है।
आज यानी 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी यह पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर पड़ा है। मान्यता है कि इसी दिन पवनपुत्र हनुमान का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन उनकी पूजा, भक्ति और सुंदरकांड पाठ का विशेष महत्व माना जाता है।
आज यानी 2 अप्रैल 2026 को पूरे देश में हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर जन्मे पवनपुत्र हनुमान को कलयुग का जागृत देव माना जाता है। त्रेता युग में माता अंजनी की कोख से जन्मे हनुमान जी भगवान राम के सबसे बड़े भक्त माने जाते हैं।