
ग्रेटर नोएडा में डाढ़ा गोलचक्कर से टाउनशिप तक का सफर स्मूथ होने जा रहा है। इसके लिए मुख्य सड़क की 4 लेन की सड़क को 6 लेन का बनाया जाएगा। ऐसा होने से डीएमआईसी के पास बनने वाली इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप तक फायदा मिलेगा।

ग्रेटर नोएडा में जल्द ही एक और नया एलिवेटेड रोड बनाने की योजना है। उत्तर प्रदेश सेतु निगम को सर्वे और डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके बनने से डीएससी रोड पर तिलपता गांव के पास हर दिन लगने वाले जाम से लोगों को मिल सकती है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दो सोसाइटियों में रहने वाले 1500 से अधिक फ्लैट खरीदारों के लिए अच्छी खबर आई है। हाईकोर्ट ने प्राधिकरण को फ्लैटों की रजिस्ट्री पर तीन महीने में फैसला लेने के आदेश दिए हैं।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए शाहबेरी में 3 लेन का डबल डेकर एलिवेटेड रोड बनाने की योजना है। इसके इस पर करीब 900 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है।
ग्रेटर नोएडा में रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। शहर के सेक्टरों से लेकर गांवों तक अब हर घर के नल तक जल पहुंचाने के लिए प्राधिकरण ने काम तेज कर दिया है। इसके लिए 38 गांवों में पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है।
ग्रेटर नोएडा शहर के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। तिलपता और मकौड़ा गांव के बीच डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर बना 6 लेन का रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) गाड़ियों के लिए खोल दिया गया है। ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी बताया कि इस आरओबी से वाहनों की आवाजाही सुगम हो जाएगी।
ग्रेटर नोएडा शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए मुख्य सड़कों को चौड़ा किया जाएगा। प्राधिकरण ने एक साथ 15 से अधिक सड़कों को चौड़ा करने के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है।
ग्रेटर नोएडा शहर के 19 रिहायशी सेक्टर अब और ज्यादा महंगे हो गए हैं। इनमें ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नौ सेक्टर भी शामिल हैं। प्लॉटों की नई आवंटन दरें 21 मई से प्रभावी मानी जाएंगी। प्राधिकरण ने इसका आदेश जारी कर दिया है।
ग्रेटर नोएडा में 60 मीटर चौड़े पेरिफेरल रोड का निर्माण कार्य तेजी से चला है। दो हिस्से में किए जा रहे इस काम को अगले एक साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक इसका 50 फीसदी काम हो चुका है। इससे मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक हब तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में 105 मीटर सड़क पहले हापुड़ तक प्रस्तावित थी, लेकिन इसका विस्तार करते हुए इसे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम किया जाएगा। प्राधिकरण बोर्ड से इसकी मंजूरी मिल चुकी है।