
बस्ती में, ग्राम प्रधान पटखौली राजा के खिलाफ मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी और अन्य आरोपों के चलते डीएम ने उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिए हैं। शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद जांच का आदेश दिया गया। प्रधान और सचिव को दोषी पाया गया है।

रानेश्वर में ग्राम प्रधान मांझी संगठन की मासिक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता अर्जुन मरांडी ने की, जहां पेसा कानून पर चर्चा हुई। 30 जून को प्रस्तावित महारैली को सफल बनाने पर जोर दिया गया और सभी ग्राम प्रधानों को प्रचार की जिम्मेदारी दी गई।

आजमगढ़ में राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने 26 मई 2026 तक ग्राम पंचायत चुनाव न होने की स्थिति में वर्तमान ग्राम प्रधानों को पंचायतों का संचालन जारी रखने की मांग की। संगठन ने कहा कि चुनावों की कोई स्पष्ट संभावना नहीं है और इससे पंचायतों का कार्य प्रभावित हो सकता है।

शासन स्तर से वर्ष 2022-23 में ग्राम प्रधानों के द्वारा कराए गए विकास कार्य और निर्माण कार्यों का ऑडिट किया। इस दौरान 47 ग्राम प्रधान और सचिवों पर लगभग 4.77 करोड़ की रिकवरी निकली। डीएम के आदेश पर नोटिस जारी किया गया है। यदि धनराशि जमा नहीं की गई तो चुनाव लड़ने के लिए नोड्यूज नहीं दिया जाएगा।
अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष मलकीत सिंह ने राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, और पंचायत चुनाव एक वर्ष आगे बढ़ सकते हैं। वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग की गई।
यूपी पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे लोगों के लिए जरूरी खबर है। पंचायत चुनाव को लेकर एक और अपडेट आ गया है। अब यूपी में प्रशासक समिति के माध्यम से ग्राम पंचायत प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
अखिल भारतीय प्रधान संघ ने पंचायत चुनाव समय पर न होने पर ग्राम प्रधानों के कार्यकाल को बढ़ाने की मांग की है। जिलाध्यक्ष सुनील शुक्ला की अगुवाई में प्रधानों ने विधायक अविनाशचंद्र द्विवेदी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया कि 26 मई को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है और चुनाव समय पर कराना संभव नहीं दिख रहा है।
सैदाबाद। सैदाबाद ब्लॉक मुख्यालय पर अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन ने चुनाव समय पर ना
अतरौलिया में ग्राम प्रधान संगठन की बैठक में पंचायत चुनाव, प्रशासनिक व्यवस्था और प्रधानों के अधिकारों पर चर्चा की गई। प्रधानों ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर कार्यकाल बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव समय पर होते हैं तो वे उसका स्वागत करेंगे, अन्यथा कार्यकाल बढ़ाना उचित होगा।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा के बाद पंचायत चुनाव के होने के आसार जताए जा रहे हैं। यूपी पंचायत चुनाव में देरी होने पर या तो कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है या फिर प्रशासक बैठाए जा सकते हैं।