
शिव जी को भी गंगाजल से अभिषेक किया जाता है। लेकिन बहुत से लोग इसे प्लास्टिक के डिब्बे में घर ले जाते हैं और घर में इसी पात्र में रख देते हैं। ऐसे में लोगों के बीच इस बात को लेकर कंफ्यूजन रहती है कि गंगा जल को कहां और किस पात्र में रखना बेहद शुभ होता है। चलिए इस बारे में जानते हैं।

Crisis on Ganga: हरिद्वार शहर के करीब 10 प्रमुख गंगा घाटों पर गंगा घाटों से करीब सात फीट तक दूर खिसक गई है। करीब एक किमी लंबे घाट क्षेत्र में गंगा में डुबकी लगाने लायक पानी नहीं है।

हिंदू धर्म में गंगाजल को सबसे पवित्र माना गया है। आम तौर पर सभी लोग घर में गंगाजल रखते हैं। हर धार्मिक काम में गंगाजल का इस्तेमाल होता है। अधिकतर लोग इसे प्लास्टिक की बोतल में रखते हैं लेकिन क्या करना सही है?

भागलपुर शहर से सटे निचले इलाकों में पानी घुसने लगा है। टीएमबीयू के हॉस्टलों, बूढ़ानाथ, सखीचंद घाट, दीपनगर, मानिक सरकार घाट, किलाघाट से सटे घरों व सड़कों पर पानी घुस गया है।
मत्स्य विभाग के अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि भागलपुर से साहिबगंज तक डाउन स्ट्रीम में गंगा में इन प्रवासी मछलियों का ठहराव तय है। अधिकारियों का कहना है कि गंगा में आई बाढ़ से देसी मछलियों पर संकट मंडरा रहा है।
Ganga Dussehra ganga snan: ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि पर 5 जून को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। इस तिथि पर गंगा स्नान और दान करने से सभी दस प्रकार के पापों का शमन होता है।
Ganga Dussehra Muhurat 2025: गंगा दशहरा पर गंगा स्नान व दान करने का विशेष महत्व है। जानें गंगा दशहरा पर स्नान-दान का क्या मुहूर्त करने वाले हैं।
Ganga Dussehra 2025 Pooja: जब-जब पुण्य और मोक्ष की बात होती है, मां गंगा का नाम सबसे पहले लिया जाता है। इस साल गंगा दशहरा के दिन रवि योग और हस्त नक्षत्र के योग में स्नान और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है।
दरअसल भगीरथ ने इस दिन गंगा को अपनी तपस्या से कमंडल से छोड़ा और शिवजी ने अपनी जटाओं में गंगा को स्थान दिया। इसलिए इस दिन पर मां गंगा और भगवान शिव की पूजा खासतौर पर करनी चाहिए।
Ganga Dussehra Upay, Ganga Dussehra 2025: इस दिन किए गए दान, गंगा स्नान, पूजा-पाठ आदि से भी बहुत पुण्य मिलता है। गंगा दशहरा के दिन कुछ उपाय करने से मां गंगा के साथ-साथ आप मां लक्ष्मी को भी प्रसन्न कर सकते हैं।