
मनरेगा बंद कर क्यों लाई गई नई योजना वीबी-जी-राम-जी?केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वजह बताई। मंत्री रिजिजू ने कहा कि मनरेगा बनी ही ऐसी थी कि उसमें भ्रष्टाचार रुक नहीं सकता था। यही वजह थी कि उसे बंद कर दिया गया।

सरकार ने दो दशक पुराने ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (मनरेगा) का नाम और उद्देश्यों को बदलकर उसकी जगह ‘विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ या वीबी-जी राम जी कानून लागू…

मुख्यमंत्री ने इस चिट्ठी में कहा है कि नए कानून से मांग-आधारित, अधिकार-आधारित व्यवस्था के खत्म होने का खतरा है। उन्होंने कहा कि नया कानून रोजगार गारंटी ढांचे को मौलिक रूप से कमजोर करता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के जरिए गांव-गांव रोजगार, प्रशिक्षण और आजीविका के अवसर देने की ठोस पहल शुरू हो गई है।

सोनिया गांधी ने एक आर्टिकल में मनरेगा स्कीम खत्म किए जाने पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस योजना को समाप्त करना सही नहीं था और यह हमारी सामूहिक विफलता है। कांग्रेस की नेता ने लिखा कि यह स्कीम ग्रामीणों को रोजगार की गारंटी देने के साथ ही गरिमा भी प्रदान करती थी।

इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और कृषि उत्पादकता को मजबूत करना है। ग्रामीण परिवारों के लिए सालाना रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। श्रमिक सुरक्षा और योजनाओं के एकीकरण पर जोर है।

जी राम जी विधेयक को लेकर दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के बीच ही शीतकालीन सत्र समाप्त हो गया है। दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जिस तरह से यह पूरी तरह से 'गरीब-विरोधी, जन-विरोधी, किसान-विरोधी और ग्रामीण गरीबों के खिलाफ' विधेयक लाई और मनरेगा को खत्म कर दिया है, वह निंदनीय है।

देश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को साल में 125 दिन के काम की गारंटी देने वाले विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन- ग्रामीण विधेयक को राज्य सभा में विपक्ष की नारेबाजी और वॉकआउट के बीच गुरुवार देर रात पारित कर दिया गया।

लोकसभा ने मनरेगा का नाम बदलने समेत कई प्रावधानों में बदलाव करने वाले विकसित भारत- जी राम जी विधेयक को पारित कर दिया है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बिल को सदन में रखा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। इस दौरान विपक्ष की ओर से हंगामा भी लगातार जारी रहा।