
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि किस देश से और कितनी मात्रा में रूसी तेल खरीदना है। यह तेल कंपनियां और लागत तय करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेल खरीद और सुरक्षा जरूरतों के लिए भारत हमेशा से रणनीतिक स्वायत्तता का उपयोग करता है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की US यात्रा से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की राह साफ हुई। जानें कैसे 'FORGE' पहल और 18% टैरिफ भारतीय निर्यातकों के लिए गेम-चेंजर साबित होंगे।

ईरान में जारी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों और सरकारी दमन के बीच ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन किया। दोनों नेताओं ने ईरान और उसके आसपास की तेजी से बदलती स्थिति पर विस्तार से बातचीत की।

वीमर ट्रायंगल (Weimar Triangle) ग्रुपिंग के साथ भारत की पहली बातचीत के बाद पेरिस में बोलते हुए, पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने कहा कि वह इस बात से संतुष्ट हैं कि भारत ने रूसी तेल आयात में कटौती शुरू कर दी है।

जयशंकर ने पाकिस्तान को भारत का 'अपवाद' पड़ोसी बताते हुए कहा कि दुनिया में कोई अन्य देश आतंकवाद को इतने खुले तौर पर समर्थन नहीं देता। उन्होंने श्रीलंका, म्यांमार, अफगानिस्तान में संकट के समय भारत की त्वरित मदद की मिसालें दीं।

विदेश मंत्री ने वैश्विक कूटनीति पर भी टिप्पणी की। लक्जमबर्ग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज के दौर में देश केवल वही करते हैं जो उनके हित में हो। लेकिन वे हमें मुफ्त की सलाह देना चाहते हैं।

एस जयशंकर ने BNP यानी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक शोक संदेश पत्र सौंपा। रहमान जिया के बड़े बेटे हैं। रहमान को बांग्लादेश के पीएम पद का बड़ा दावेदार माना जा रहा है।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ढाका में पाकिस्तान के एक प्रमुख राजनेता से भी मिले। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार दोनों देश के नेता मिले। इसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है कि एस जयशंकर पाकिस्तानी नेता से क्यों मिले?

भारत-बांग्लादेश संबंधों के बीच मौजूदा तनाव के बावजूद विदेश मंत्री जयशंकर का ढाका दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जयशंकर भारत सरकार और जनता का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

बांग्लादेशी पत्रकार सेलाम समद ने आशंका जताई है कि अगर तारिक रहमान अगले PM चुने जाते हैं तो शेख हसीना उनके लिए सबसे पहला और बड़ा टारगेट होंगी। इस सियासी खेल में तारिक रहमान के सामने भारत से संबंधों को मधुर बनाए रखने की चुनौती होगी।