
बगलामुखी जयंती हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। मान्यता है कि इसी दिन देवी बगलामुखी का अवतरण हुआ था। श्रद्धा और विधि-विधान से उनकी पूजा करने पर मां अपने भक्तों को शत्रुओं से जुड़ी परेशानियों से बचाती हैं।

इस साल बगलामुखी जयंती 24 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। देशभर में माता को समर्पित कई मंदिर हैं, जहां दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ रहती है। ऐसे में आज हम आपको देश के कुछ फेमस बगलामुखी माता के मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आम आदमी से लेकर कई प्रमुख हस्तियां और राजनेता भी मत्था टेकने आते हैं।

Sita Navami 2026: सीता नवमी का पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति को सोलह प्रकार के दान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। चलिए जानते हैं कि वैशाख माह 2026 में कब है सीता नवमी और इसकी पूजा विधि क्या है।

ईस्टर ईसाई धर्म का एक बेहद ही महत्वपूर्ण त्योहार है, जो आज यानी 5 अप्रैल 2026 को बेहद ही धूमधाम से मनाया जाएगा। यह पर्व प्रभु यीशु मसीह के पुनर्जीवन के रूप में मानाय जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी हो गयी हैं।
2026 में ईस्टर 5 अप्रैल को रविवार को मनाया जाएगा। गुड फ्राइडे के बाद ईस्टर क्यों और कैसे मनाया जाता है? जानिए ईस्टर का धार्मिक महत्व, ईसा मसीह के पुनरुत्थान का इतिहास और परिवार के साथ मनाई जाने वाली परंपराएं।
april 2026 vrat festival list: अप्रैल माह की शुरुआत हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा से हो रही है। इसके साथ ही वैशाख माह का भी शुभ आरंभ हो जाएगा। वैशाख महीना दान पुण्य और हनुमान जी, राम जी, लक्ष्मी जी की पूजा के लिए खास माना जाता है।
रंग पंचमी पर यदि अपनी राशि अनुसार रंगों का चयन करें, तो यह न केवल भाग्य को बलता है बल्कि जीवन में मानसिक शांति और समृद्धि भी लाता है। चलिए जानते हैं कि रंग पंचमी पर राशि के अनुसार किन रंगों से होली खेलें।
Rang Panchami 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पावन तिथि पर देवी-देवता भी पृथ्वी पर होली खेलने के लिए आते हैं। इसलिए इस दिन अलग-अलग देवताओं पर अलग-अलग रंग-गुलाल अर्पित किए जाते हैं। चलिए जानते हैं कि रंग पंचमी के दिन किस देवता को कौन सा रंग अर्पित करना चाहिए।
रंग पंचमी के दिन देवी-देवता पृथ्वी पर आते हैं और भक्तों के साथ होली खेलते हैं। इसलिए जब रंग पंचमी के दिन भक्त होली खेलते हैं, तो आसमान की तरफ गुलाल-रंग उड़ाते हैं। साथ ही यह पर्व द्वापर युग से जुड़ा हुआ है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की पूजा अर्चना की जाती है।
Basoda 2026: होली के 8 दिन बाद चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी मनाई जाती है। इस दिन से जुड़ी कई मान्यताएं प्रचलिए है। इनमें एक मान्यता है कि इस दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता है। चलिए जानते हैं कि इस बार शीतला अष्टमी या बसोड़ा कब है और इस दिन चूल्हा क्यों नहीं जलाया जाता है।