
निजी नलकूप कनेक्शन धारकों को मुफ्त बिजली दिए जाने की योजना चल रही है। तकरीबन दो साल से चल रही इस योजना से अब भी पांच लाख किसान बाहर हैं। योजना शुरू होने से पहले प्रदेश में निजी नलकूप कनेक्शनधारकों की संख्या 15.64 लाख थी।

Bharat VISTAAR: सरकार का मानना है कि यह सिर्फ एक ऐप नहीं बल्कि देश का डिजिटल कृषि ढांचा बनेगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने, खेती का जोखिम कम करने और कृषि नीति को डेटा के आधार पर बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

पिछले साल, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने घाटी के सेब उत्पादकों को भरोसा दिलाया था कि वह सेब इम्पोर्ट को लेकर उनकी चिंताओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे लेकिन इस ट्रेड ने अब उनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं।

कृषि क्षेत्र पर वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी कृषि उत्पादन वाला राज्य है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा के उत्पादन में प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक योगदान है।

उत्तर प्रदेश के किसानों के अच्छी खबर है। प्रदेश के सभी ब्लॉकों पर पशुओं के लिए पशुधन औषधि केन्द्र खोले जाएंगे। इन औषधि केन्द्रों पर 24 घंटे एथनोमेडिसिन की व्यवस्था रहेगी। किसानों को फ्री में चारा बीज भी मिलेगा।

बिहार की नीतीश सरकार ने बजट में किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है। राज्य में अब पीएम किसान सम्मान निधि के साथ-साथ कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि मिलेगी। बिहार के किसानों को सालाना 3000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

यूरिया के पैकेट का वजन एक बार फिर से कम कर दिया गया है। किसानों को अब 45 किलो की जगह 40 किलो की यूरिया का कट्टा (बैग) मिलेगा। अपने इस कदम को सरकार भले किसानों और खेती को राहत की बात कह रही है लेकिन इसे आफत माना जा रहा है। यूरिया को लेकर अक्सर मारामारी की खबर आती रहती है।

सीएम योगी ने गन्ना के साथ तिलहन-दलहन की अंतःफसली (इंटरक्रॉपिंग) खेती को किसानों की आय दोगुनी और बहुगुणित करने वाला मॉडल बताया। योजना 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू होगी। रबी में सरसों-मसूर और जायद में उर्द-मूंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक बीज नीति तैयार करें। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

44 वर्षीय विजय त्रिवेदी खेती किसानी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। शनिवार शाम पांच बजे के आसपास गांव के युवकों के साथ वह गर्रा नदी किनारे क्रिकेट खेल रहे थे। उनकी टीम बैटिंग कर रही थी। वह नॉन स्ट्राइकर एंड पर थे। अचानक विजय के सीने में तेज दर्द होने लगा और वह गश खाकर गिर पड़े।