
नए साल के पहले दिन राजस्थान के कोने-कोने में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में सुबह 4 बजे से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।

भारत में हनुमान जी के कई अनोखे व चमत्कारिक मंदिर है, जहां दर्शन मात्र से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। लेकिन एक जगह ऐसी भी है जहां हनुमान की जी की बैठी हुई विशाल प्रतिमा है, जहां दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। यहां स्थापित हनुमान जी की बैठी हुई प्रतिमा काफी विशाल है।

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में साफ-साफ कहा, 'दीप निचले शिखर पर है। मस्जिद सबसे ऊपरी शिखर पर है, जबकि भगवान सुब्रमण्या निचले शिखर के आधार पर विराजमान हैं। दीप मुस्लिमों के कब्जे वाला हिस्सा नहीं है।'

तमिलनाडु में एक शख्स ने एलियन का मंदिर बनाया है। उसका मानना है कि भगवान शिव ने एलियन की उत्पत्ति की थी और वह पृथ्वी पर लोगों की सुरक्षा करते हैं। यह मंदिर जमीन के 11 फीट नीचे बनाया गया है।

जस्टिस माहेश्वरी ने पाया कि मुंबई ब्रांच ने फैसले की समीक्षा के लिए मामला बनाया है। अपने आदेश में उन्होंने कहा, 'समीक्षा याचिकाओं को खुली अदालत में सूचीबद्ध करने के आवेदनों को मंजूरी दी जाती है। पक्षकारों को नोटिस जारी किया जाए।'

मंदिर के एक कार्यकर्ता ने यह आरोप लगाया था कि मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान सोने और चांदी से बनी छिपकलियों को हटा दिया गया था। उनकी जगह कथित तौर पर नई छिपकलियां उकेरी गई थीं। इसे लेकर भारी हंगामा मच गया।

रिपोर्ट में बताया गया कि मंदिर में एक ही प्रवेश और निकास द्वार है। संकरी गली के दोनों ओर रेलिंग लगी हुई है। यहीं पर शनिवार को भगदड़ मची, जब एकादशी पूजा के लिए सैकड़ों भक्त मंदिर में उमड़ पड़े। इसके लिए कोई तैयारी नहीं थी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि उधमपुर के गढ़ी गांव निवासी शक्ति कुमार वर्मा को अरेस्ट कर लिया गया। उसके पास से लगभग तीन लाख रुपये मूल्य के 30 ग्राम सोने के चोरी किए हुए आभूषण बरामद किए गए। आगे की जांच जारी है।

मंदिर में प्रवेश से लेकर वहां की पूजा-पाठ को लेकर कई तरह के नियम हैं। वहीं मंदिर के चौखट को लेकर भी कुछ नियम हैं, जिनका पालन ना करने पर जाने-अनजाने में देवी-देवताओं का अनादर हो सकता है। ऐसे में ये जानते हैं कि आखिर चौखट पर पैर रखना चाहिए या नहीं?

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के एक आदेश के बाद यह विवाद उपजा, जिसमें अदालत ने कहा था कि सीबीआई निदेशक ने न्यायालय के निर्देशों के विपरीत कार्य किया, क्योंकि उन्होंने वेंकट राव नामक अधिकारी को मामले की जांच करने की अनुमति दी।