
E20 पेट्रोल को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र पर बड़ा हमला बोला है। राहुल ने दावा किया कि यह गाड़ियों को बर्बाद कर रहा है। वहीं BJP ने पलटवार करते हुए तंज कसा। जानिए क्या है E20 पेट्रोल विवाद और क्यों उठे सवाल।

केंद्र सरकार ने संसद में यह साफ कर दिया है कि E20 पेट्रोल तय नियमों के तहत इस्तेमाल के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। सरकार के अनुसार, कई संगठनों द्वारा की गई लैब जांच में इसके इस्तेमाल को सही पाया गया।

सरकार ने पहले ही बताया है कि E20 पेट्रोल से माइलेज में थोड़ी कमी आ सकती है। इसके अलावा, पुरानी BS-III गाड़ियों के कुछ खास पार्ट्स को भी बदलने की जरूरत पड़ेगी।

नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय मंत्री शित्रा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब विपक्ष E20 पर आर-पार के मूड में है। कल आम आदमी पार्टी शनल टाउनहॉल कैंपेन शुरू करेगी तो वहीं तहसीन पूनावाला भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
E20 पेट्रोल से इंजन खराब होने और माइलेज घटने की शिकायतों के बीच दिल्ली में बड़ा बवाल। 31 जुलाई से 4 अगस्त के बीच तहसीन पूनावाला का 'गाड़ी मार्च', केजरीवाल का टाउनहॉल और ट्रांसपोर्ट मार्च।
FCI ने एथेनॉल डिस्टिलरियों को अपनी खरीद लागत से करीब 40% कम दाम पर चावल बेचा है। राज्यसभा में सरकार ने बताया कि 12 महीनों में ₹14,596 करोड़ का 63.5 लाख टन चावल भेजा गया। जानें क्या है पूरा मामला।
E20 यानी पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल की मात्रा के मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बॉम्बे हाई कोर्ट जाने का फैसला किया है। उन्होंने डीप फेक और उनके खिलाफ जारी कथित मानहानि वाले कंटेंट के खिलाफ यह कदम उठाया है।
कॉकरोच जनता पार्टी के बाद अब पेट्रोल में एथनॉल मिलावट के मुद्दे पर ई20 पार्टी खड़ी हो गई है। पार्टी ने संसद तक मार्च की तैयारी भी कर ली है। इसका कहना है कि देश में पेट्रोल सस्ता किया जाए और लोगों को अपने पसंद का पेट्रोल चुनने की आजादी हो।
सरकार ने सोमवार को संसद में E20 पेट्रोल का बचाव करते हुए बड़ी बात कही है। सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन खराब होने या कार-बाइक की उम्र कम होने की बात एकदम गलत है।
एथेनॉल को खाना पकाने के ईंधन के रूप में बढ़ावा देने का एक बड़ा कारण यह है कि भारत में इसकी भरमार है। देश की एथेनॉल उत्पादन क्षमता सालाना 20 अरब लीटर से अधिक हो गई है और इस वित्त वर्ष में इसमें 4 अरब लीटर और जुड़ने वाला है।