
हल्द्वानी में हुई ईपीएफ-95 जिला समिति की बैठक में सेवानिवृत्त कार्मिकों की मांगों को लेकर सांसदों के माध्यम से ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। सभी सांसदों को 19 जुलाई तक ज्ञापन दिए जाएंगे, और 5 अगस्त को दिल्ली में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

Agra News: शहर के सोरों गेट पर स्थानीय निकाय सफाई मजदूर संघ ने वेतन और ईपीएफ के भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कई सफाई कर्मचारियों का वेतन पिछले वर्ष से बकाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगे नहीं मानी गईं, तो वे हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।

वर्तमान में EPFO के तहत अनिवार्य योगदान के लिए वेतन सीमा 15,000 रुपये प्रति माह (बेसिक सैलरी) निर्धारित है। यह वर्ष 2014 से नहीं बदला है। अगर यह सीमा बढ़कर 25,000 रुपये हो जाती है, तो हर महीने कर्मचारी के EPF खाते में 3,000 रुपये (दोनों पक्षों से) जमा होने अनिवार्य हो जाएंगे।

सरकार ने EPF स्कीम 2026 के तहत पीएफ निकासी के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब नौकरी छूटने के बाद कर्मचारी केवल 75% EPF बैलेंस ही तुरंत निकाल सकेंगे, जबकि बाकी 25% राशि लगातार 12 महीने बेरोजगार रहने के बाद मिलेगी।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने 2026 में ईपीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई स्कीम के लिए नए नियम लागू किए हैं। इनमें निकासी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई बदलाव किए गए हैं। साथ ही, नॉमिनेशन पूरी तरह डिजिटल होगा और पीएफ क्लेम का निपटारा 20 दिन में होगा।
EPFO Latest Updates: ईपीएफओ की तरफ से सब्सक्राइबर्स के खाते में 15 जुलाई तक ब्याज आ जाएगा। वित्त वर्ष 2026 के लिए ईपीएफओ 8.25 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला किया है।
EPF Interest Rate: वित्त मंत्रालय ने हाल ही में ईपीएफओ की केंद्रीय ट्रस्टी बोर्ड की सिफारिश को मंजूरी दी है, जिसके तहत इस साल 8.25% की दर से ब्याज दिया जाएगा। इससे पहले ब्याज दर घोषित होने के बाद अक्टूबर या नवंबर तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन इस बार प्रक्रिया बहुत तेज हो गई है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर 8.25 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला पहले ही लिया जा चुका है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ब्याज की राशि मंजूरी मिलने के एक सप्ताह के भीतर कर्मचारियों के खातों में भेज दी जाएगी।
नोएडा में सोमवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन का 'निधि आपके निकट 2.0' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 85 लोगों ने भाग लिया, जिसमें से 52 ने शिकायत और जानकारी के लिए पंजीकरण कराया। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना और विभाग की योजनाओं के बारे में जागरुकता बढ़ाना था।
अगर कोई कर्मचारी हर महीने केवल ₹1,800 EPF में जमा करता है और यह निवेश 25 सालों तक जारी रखता है, तो 8.25% ब्याज दर के आधार पर उसका रिटायरमेंट फंड लगभग ₹19 लाख तक पहुंच सकता है। कंपाउंडिंग की ताकत छोटी बचत को भी बड़े कॉर्पस में बदल सकती है। आइए इसकी डिटेल्स जानते हैं।