
झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से जुड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों में कैंपस चयन प्रक्रिया में लुमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज ने 137 डिप्लोमा इंजीनियरिंग विद्यार्थियों का चयन किया। ये छात्र औद्योगिक प्रशिक्षण के दौरान ₹22,000 प्रतिमाह मानदेय प्राप्त करेंगे। कुलपति ने इसे एनईपी-2020 के सफल क्रियान्वयन का परिणाम बताया।

राज्य के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में शिक्षकों के आधे से अधिक पद रिक्त हैं। पिछले दो साल से दो हजार से अधिक पद खाली हैं। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग ने बहाली के प्रयास किए हैं, लेकिन आरक्षण रोस्टर अब तक क्लीयर नहीं हुआ है। छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है।

मुजफ्फरपुर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में सत्र में देरी हो रही है। छात्रों का कहना है कि उन्हें एक महीने में छह महीने का सिलेबस तैयार करना होगा। इस देरी के कारण बड़ी कंपनियां प्लेसमेंट के लिए नहीं आ रही हैं। पिछले वर्षों से सत्र नियमित नहीं हो पा रहा है।

B.Tech In Computer Science vs IT: इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले छात्रों के बीच सबसे बड़ा कंफ्यूजन हमेशा कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) के बीच रहता है।
यूपी में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की तर्ज पर अब निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की भी रैंकिंग होगी। गुणवत्ता में सुधार के लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग यह कदम उठा रहा है। खराब प्रदर्शन वाले निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों पर सख्ती की जाएगी। गु
एनआईआरएफ रैंकिंग की तर्ज पर पहली बार यूपी सरकार ने एसआईआरएफ रैंकिंग जारी की है। यूपी सरकार की एसआईआरएफ रैंकिंग में 300 में 234 अंक लेकर सुल्तानपुर का कमला नेहरू इंजीनियरिंग कालेज पहले स्थान पर है।
Best Private Engineering Institutes: हर छात्र का सपना IIT या NIT में जाने का होता है, लेकिन सीमित सीटों और कठिन प्रतिस्पर्धा के कारण देश के बेहतरीन प्राइवेट इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट एक शानदार विकल्प के रूप में उभरते हैं।
बिहार इंजीनियरिंग विवि के अंतर्गत सभी 38 इंजीनियरिंग कॉलेजों से विद्यार्थियों का चयन एक विशेष कौशल मूल्यांकन एवं परीक्षा प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। चयनित विद्यार्थियों को बिपार्ड द्वारा एक माह का विशेष आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें उन्हें नवीन तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के औद्योगिक उपयोग के बारे में जानकारी मिलेगी।
बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों का डेटा एआईसीटीई के पोर्टल पर गायब है। 2025 में दाखिला लेने वाले छात्रों की जानकारी और प्लेसमेंट के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। कॉलेजों को एआईसीटीई को डेटा भेजने की जिम्मेदारी है, लेकिन कुछ कॉलेजों का कहना है कि एआईसीटीई की लेटलतीफी के कारण यह जानकारी अपडेट नहीं हो रही।
पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। एसपीएनआरईसी अररिया में डिवीजन स्तरीय खेल एवं साहित्यिक महोत्सव ‘उमंग’ का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।