
यूपी पावर कॉरपोरेशन स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए 7 दिवसीय विशेष अभियान चलाएगा। इसमें निगेटिव बैलेंस के कारण कटे कनेक्शनों की जांच और रिचार्ज के बाद बिजली न आने जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान होगा। लापरवाही बरतने वाले जेओ, एई और एक्सईएन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

यूपी में बिजली विभाग की लापरवाही से पत्रकार रंजीत तिवारी की जान चली गई। मृतक के भाई की तहरीर पर बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर समेत अफसरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। डीएम ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।

उत्तर प्रदेश में एक उपभोक्ता को उपभोक्ता आयोग से बड़ी राहत मिली है। एक मामले में आदेश देते हुए कहा है कि बिना उपभोक्ता की सहमति से स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जा सकता है।

यूपी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष ने सोमवार को कानपुर में महत्वपूर्ण गाइडलाइन दी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है, लेकिन मीटर को प्रीपेड करने से पहले उपभोक्ता की सहमति जरूरी है।
बीते साल के मुकाबले इस साल की बजली दरें छह महीना पहले ही जारी हो जाएंगी। नए टैरिफ आदेश के साथ ही प्रीपेड और पोस्ट पेड स्मार्ट मीटर से जुड़ी तकरीबन सभी समस्याओं पर भी नियामक आयोग व्यवस्था दे देगा।
जिला मुख्यालय नगर निकाय के उपभोक्ताओं को कटौतीमुक्त बिजली मिलना है। नगर निकायों को तीन शिफ्ट में 21 घंटे 20 मिनट बिजली मिलनी है। वहीं ग्रामीण उपभोक्ताओं को तीन शिफ्ट में 18 घंटे बिजली मिलना है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी ने रोस्टर जारी किया है।
महराजगंज जिले के दुकानदार अजय गुप्ता ने बताया कि उनके दुकान पर स्मार्ट मीटर लगा है। 23 मार्च को बिल जमा करने गए तो सर्वर खराबी के कारण भुगतान नहीं हो सका। अगले दिन 24 मार्च को 8618 रुपये का भुगतान किया। इसके बावजूद 26 मार्च को अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई।
गोरखपुर में कुल 9 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं जिसमें से 2.70 लाख उपभोक्ता के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। करीब 2.15 लाख उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में बदल दिया गया है। उपभोक्ताओं को निगेटिव बैलेंस में अचानक बिजली कटने का डर सता रहा है।
बिहार में शहरी छोटे दुकानदारों (आधा किलोवाट कनेक्शन) के लिए बिजली का फिक्स्ड चार्ज 200 रुपये से घटाकर 150 रुपये कर दिया गया है। 1 अप्रैल से प्रभावी इस फैसले से करीब 20 हजार दुकानदारों को सालाना 600 रुपये की बचत होगी। साथ ही छोटे उद्योगों के फिक्स्ड चार्ज में भी 10 रुपये की कटौती की गई है।
यूपी में बिना उपभोक्ताओं की सहमति के 70 लाख से ज्यादा बिजली स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में बदल दिए गए। विद्युत अधिनियम का उल्लंघन करते हुए नए कनेक्शन प्रीपेड मीटर के साथ अनिवार्य कर दिए हैं। विद्युत अधिनियम का उल्लंघन करने के लिए पावर कॉरपोरेशन और बिजली कंपनियों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर होगी।