
ट्रांसफार्मर लगाने का काम सेक्टर 22 से शुरू किया गया है जो कि शहर के सबसे ज्यादा आबादी वाले इलाके में से एक है और यहां अक्सर ओवरलोडिंग की समस्या देखने को मिलती है।

यूपी पावर कॉरपोरेशन स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए 7 दिवसीय विशेष अभियान चलाएगा। इसमें निगेटिव बैलेंस के कारण कटे कनेक्शनों की जांच और रिचार्ज के बाद बिजली न आने जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान होगा। लापरवाही बरतने वाले जेओ, एई और एक्सईएन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

गर्मियों में घर में कूलर, पंखा, एसी, फ्रिज और कई सारे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस चलते हैं। जिसकी वजह से एकदम से बिजली का बिल भी बढ़ जाता है। ये बिजली का बढ़ा हुआ बिल घर के बजट को ना बिगाड़ दे, इससे बचने के लिए आज से ही इन 8 गलतियों को करना बंद कर दें।

मुख्यमंत्री ने बिलिंग और भुगतान प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को समय पर और सटीक बिल उपलब्ध कराने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पीलीभीत में स्मार्ट मीटर के कारण ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के कार्यालय की बिजली कट गई है। एक लाख रुपये का बकाया बिजली बिल होने पर प्री-पेड मीटर की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे कार्यालय में परेशानियां पैदा हो रही हैं। अधिशासी अभियंता ने धनराशि की मांग की है और वर्तमान में जेनसेट का उपयोग किया जा रहा है।
फोटो 9-बिजली मीटर को लेकर बैठक में चर्चा करते मौजूद लोग।छिबरामऊ, संंवाददाता। पुराने सौरिख बस स्टैंड के पास स्थित कार्यालय में हुई बैठक में विद्युत विभ
इटावा क्लब पर 17 लाख 64 हजार 632 रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसे जमा करने के लिए कोई सामने नहीं आ रहा। क्रीड़ा विभाग ने इस बिल की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है। बिजली विभाग अब क्लब का कनेक्शन काटने की तैयारी कर रहा है। पिछले तीन साल से बिल का भुगतान नहीं हुआ है।
समस्तीपुर में किसान सभा द्वारा प्रदर्शन किया गया। गैस एजेंसी के विरोध में नारेबाजी की गई। रसोई गैस की किल्लत और अन्य मांगों को लेकर दलसिंहसराय-विद्यापतिनगर क्षेत्र में भी विरोध किया गया। वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से मुआवजा, मनरेगा बहाली और श्रम कानूनों को वापस लेने की मांग की।
उपभोक्ताओं के बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी से उठे सवाल, पुराने मीटरों से तुलना में खपत अधिक दिखा रहा स्मार्ट मीटर
यूपी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष ने सोमवार को कानपुर में महत्वपूर्ण गाइडलाइन दी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है, लेकिन मीटर को प्रीपेड करने से पहले उपभोक्ता की सहमति जरूरी है।