
चुनाव में पारदर्शिता के लिए तकनीक का सहारा लेते हुए आयोग ने राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 100 % वेबकास्टिंग करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में राज्य में 80,719 मतदान केंद्र हैं और भीड़ कम करने के लिए लगभग 500 अतिरिक्त सहायक बूथ बनाये जा सकते हैं।

गुरुवार को चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय, राज्य जीएसटी (SGST) और आयकर विभाग जैसी प्रमुख एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

Tamilnadu SIR: अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक, तमिलनाडु में अब 5.67 करोड़ मतदाता बचे हैं। एसआईआर से पहले राज्य में मतदाताओं की संख्या 6.41 करोड़ थी। SIR प्रक्रिया में मतदाता सूची से 97,37,831 नाम हटा दिए गए हैं।

चुनाव आयोग अप्रैल 2026 से 22 राज्यों/UTs में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का तीसरा चरण शुरू करेगा। जानें क्यों जनगणना 2027 और चुनाव आयोग की ये टाइमिंग दिल्ली, हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों के लिए सिरदर्द बन सकती है।
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए 22 फरवरी (रविवार) को विशेष अभियान चलाया जाएगा। सभी बूथ लेवल अधिकारी तीन घंटे सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक बूथों पर मौजूद रहेंगे। इस दौरान नाम जुड़वाने, संशोधन करने और एसआईआर संबंधी आपत्तियों का निस्तारण करा सकेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिनवा ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (UP SIR) के दौरान दूसरे की आपत्ति पर अब तक सिर्फ 4336 नाम कटे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव फॉर्म 7 को लेकर कई आरोप लगा रहे हैं।
वोटर लिस्ट विशेष पुनरीक्षण अभियान में नोटिस पाने वाले एक करोड़ से ज्यादा लोगों को राहत मुख्य निर्वाचन अधियारी (CEO) ने राहत दी है। सीईओ ने अभियान की समीक्षा के बाद अफसरों को हेल्पडेस्क बनाने का निर्देश दिया है। ताकि अपनी परेशानियों को यहां से दूर कर सकें।
मतदाता सूची में जानबूझकर झूठी जानकारी देना या दो जगह पंजीकरण बनाए रखना एक दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर एक साल तक की जेल भी हो सकती है।
मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) और वोटर लिस्ट की ड्राफ्ट सूची को लेकर ममता बनर्जी की तरह सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी आक्रामक मूड में जंग लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं को इसे लेकर एक्टिव कर दिया गया है।
यूपी की नगीना सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम काटे जाने के मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है। चंद्रशेखर ने भी चुनाव आयोग को कड़ा पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।