
चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के अनुसार, भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी। राज्य मीडिया के मुताबिक, इस भूकंप में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। यह भूकंप उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र में आया।

इससे पहले कल भूटान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। रविवार देर रात आए 5.6 तीव्रता के भूकंप के झटके सिक्किम और उत्तरी बंगाल के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए।

भूकंप का केंद्र भूटान के पुणखा में स्थित था, जो पश्चिम बंगाल के उत्तर में है। उत्तर बंगाल, पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों और बांग्लादेश में भी झटके महसूस किए गए। कई इंटरनेट यूजर्स ने सोशल मीडिया पर क्षेत्र में भूकंप के झटकों की जानकारी साझा की।

वैज्ञानिकों ने स्टील के गोलों से भरा एक खास टूल डिवेलप किया है, जो भूकंप के झटकों को कम करने में मदद कर सकता है। यह टेक्नोलॉजी बिना बिजली काम करती है और इमारतों व पुलों में कंपन को कम करने के लिए शॉक अब्जॉर्वर की तरह काम करती है।
चीन में भूकंप आया है। यह भूकंप गुआंग्शी प्रांत के लिउझोउ शहर में रात के ठीक 12:21 बजे आया। भूकंप की तीव्रता 5.2 रही है। जान गंवाने वालों में 63 वर्षीय पुरुष और 53 साल की एक महिला है। वहीं, अन्य लोगों की तलाश जारी है।
शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया है कि भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किमी नीचे तेहरान-माजनदरान प्रांत सीमा के पास था। यह राजधानी तेहरान से 41 किमी और करज से 77 किमी दूरी पर है। भूकंप के झटके तेहरान प्रांत के पूर्वी हिस्सों और माजनदरान प्रांत के शहरों में महसूस किए गए हैं।
विभाग ने कहा है कि सुनामी की लहरे कुछ समय में ही उत्तरी तट तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा, 'तटीय क्षेत्रों और नदी के किनारे वाले इलाकों से तुरंत सुरक्षित स्थान जैसे कि ऊंचे मैदान या सुरक्षित इमारत में चले जाएं।'
राहत की बात यह रही कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। पहला झटका सुबह 10:32:33 बजे दूसरा झटका सुबह 10:46:59 बजे महसूस किया गया।
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में रविवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। छत्तीसगढ के बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में भी भूकंप के झटके लगे। रिक्टर स्केल पर कितनी रही भूकंप की तीव्रता? जमीन से कितनी गहराई में रहा इसका केंद्र जानें…
दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर से शुक्रवार रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। इसके अलावा, उत्तर भारत के कई राज्यों में धरती हिली है।