
नई दिल्ली, एजेंसी। गणतंत्र दिवस परेड पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ)

डीआरडीओ की लंबी दूरी की एंटी-शिप हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शित की जाएगी। इसकी मारक क्षमता 1500 किलोमीटर है और यह दुश्मन के रडार से बचकर तेजी से लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। यह भारत की सामरिक ताकत को बढ़ाएगी।

बेंगलुरु में डीआरडीओ अगली पीढ़ी की इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और क्वांटम प्रौद्योगिकी पर काम कर रहा है। इसका लक्ष्य भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। डीआरडीओ के महानिदेशक बीके दास ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सम्मेलन में उद्योग, शिक्षाविदों और शोध संस्थानों को एक मंच पर लाने का उद्देश्य है।

डीआरडीओ ने समुद्र के खारे पानी को पीने योग्य बनाने के लिए एक हाथ से संचालित डिवाइस विकसित की है। यह तकनीक उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो समुद्र के करीब रहते हैं। यह मशीन 20-25 लोगों के लिए एक दिन में पीने योग्य पानी तैयार कर सकती है और इसे 2-3 मिनट में स्थापित किया जा सकता है।

हस्तचालित प्यूरीफायर से पीने योग्य बन जाएगा समुद्र का खारा जल-डीआरडीओ ने सैनिकों और आम लोगों के लिए विकसित किया उपकरणनई दिल्ली मदन जैड़ाविज्ञान के इस युग में तकनीकें जीवन में अहम भूमिका निभाती हैं।...

भारत के नए पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (एलआरजीआर-120) ने सेना की युद्ध रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यह रॉकेट 120 किलोमीटर दूर तक सटीक हमले की क्षमता प्रदान करता है। फ्रांस ने इस प्रणाली में रुचि दिखाई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग बढ़ने की संभावना है।

भारत ने हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। डीआरडीओ ने स्क्रैमजेट इंजन के ग्राउंड टेस्ट को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह इंजन 12 मिनट से अधिक समय तक लगातार काम करता रहा। रक्षा मंत्री ने इस सफलता पर बधाई दी और इसे हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास के लिए मजबूत आधार बताया।

नई दिल्ली में डीआरडीओ अध्यक्ष समीर वी कामत ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में नई उपलब्धियों की घोषणा की। केंद्र सरकार ने 22 नई रक्षा प्रणालियों की स्वीकृति दी है, जिसमें आईएडीडब्ल्यूएस, बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली और सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल शामिल हैं। भारतीय उद्योगों ने 1.30 लाख रुपये की प्रणालियों का उत्पादन किया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में डीआरडीओ द्वारा निर्मित हथियारों की भूमिका महत्वपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ ने भारतीय सशस्त्र बलों को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया है। उन्होंने डीआरडीओ से तकनीकी नवाचार और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया।

DRDO CEPTAM 11 Recruitment 2025: डीआरडीओ ने CEPTAM-11 के तहत विभिन्न तकनीकी पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 764 पदों को भरा जाएगा।