
War End, Market Start to Fly: शेयर मार्केट आज बमबम बोल रहा है। अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म होने के ऐलान से रुपया भी उड़ान भर रहा है। सोना-चांदी के मानों अच्छे दिन लौट आए हों और कच्चे तेल के दुर्दिन शुरू हो गए।

अब किसी न किसी कारण से आर्थिक नीतियों या सरकार के फैसलों पर उंगली उठाने लगे हैं। इस बीच दो ऐसी खबरें आ गईं, जिनसे चर्चा और गर्म हो गई। पहली थी, भारत के शेयर बाजार में सारे शेयरों की कुल कीमत दुनिया में पांचवें नंबर से खिसककर पहले छठे और फिर सातवें नंबर पर पहुंच गई है। पेश है आलोक जोशी का लेख…

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि मौजूदा समय में रुपया अपनी वास्तविक कीमत से नीचे यानी अंडरवैल्यूड नजर आ रहा है। आरबीआई रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव रोकने के लिए वह हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है।

नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और प्रमुख अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को रुपये के गिरावट पर हस्तक्षेप न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि एक डॉलर के बराबर 100 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को नीति निर्धारण का आधार न बनाएं।
Dollar Vs Rupee: इस हफ्ते रुपया लगभग 97 प्रति डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपये को रसातल से निकालने के लिए ब्याज दर बढ़ाने के अलावा, RBI और भी कदम उठा सकता है। इनमें अधिक करेंसी स्वैपिंग, NRI के लिए एक विशेष जमा योजना और सॉवरेन डॉलर बॉन्ड बेचना शामिल है
क्या सच में भारतीय रुपया पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश की करेंसी के मुकाबले गिर गया है? जानिए पिछले 10 साल में रुपये की ऐतिहासिक गिरावट का असली सच और इसके मुख्य कारण।
Dollae Vs INR: 8 फरवरी से शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद से रुपया लगभग 5.5% गिर चुका है। सोमवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में रुपया नए सबसे निचले स्तर पर पहुंचा।
Rupee Rally: भारतीय रुपया आज 36 पैसे की तेजी के साथ 92.64 प्रति डॉलर पर खुला। यह उछाल कमजोर होते डॉलर, गिरते कच्चे तेल और एशियाई बाजारों में आई तेजी का संयुक्त असर माना जा रहा है।
Rupee News: RBI के कड़े कदमों से रुपये में 12 साल की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की जा रही है, जिससे बाजार में नई हलचल पैदा हो गई है। जानें डॉलर के मुकाबले रुपया क्यों मजबूत हुआ और आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया सोमवार को पहली बार 95 का स्तर पार कर गया। अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और विदेशी निवेशकों की निकासी जारी रहती है तो रुपया 98 के स्तर को भी छू सकता है।