
दरभंगा के डीएमसीएच में कुशेश्वरस्थान के हरिनगर गांव के पीड़ितों से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मुलाकात की। डॉ. विजय कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने घटना की जानकारी ली और जिला प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मामले की उचित जांच की भी अपील की।
दरभंगा के डीएमसीएच मातृ-शिशु अस्पताल में सेंट्रल एयर कंडीशनर महीनों से खराब है। सर्दियों में इसकी जरूरत नहीं पड़ी, लेकिन गर्मी आने पर चिकित्सक इसकी मरम्मत की मांग कर रहे हैं। अधीक्षक को स्वास्थ्य प्रबंधक द्वारा इस मामले की जानकारी दी गई है। पुराने एसी भी खराब हो चुके हैं, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

दरभंगा में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत 'सबडर्मल इंप्लांट' की नई सेवा का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। डॉ. पूजा महासेठ की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में 12 चिकित्सकों ने भाग लिया। सबडर्मल इंप्लांट महिलाओं को तीन वर्षों तक गर्भधारण से रोकने की क्षमता प्रदान करता है, जिससे परिवार नियोजन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

दरभंगा में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए सरकार ने 21,270 करोड़ का बजट दिया है। इससे आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल का निर्माण तेजी से होगा, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। इसके अलावा, डीएमसीएच के पुनर्विकास के लिए भी भवन निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

दरभंगा के डीएमसीएच के पुराने इमरजेंसी विभाग में डिजिटल एक्सरे यूनिट में तकनीशियन देर से पहुंचे, जिससे गंभीर मरीजों को परेशानी हुई। सुबह की शिफ्ट के तकनीशियन दो बजे चले गए और नए तकनीशियन लगभग 2.35 बजे पहुंचे। इस कारण मरीजों की जांच में देरी हुई। उपाधीक्षक ने इसे गंभीर मामला बताया और जांच करने का आश्वासन दिया।

दरभंगा के डीएमसीएच के मातृ-शिशु अस्पताल में नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (निक्कू) का इलाज शुरू हो गया है। इससे नवजातों के परिजनों को राहत मिली है, जो पहले दूर स्थित शिशु रोग विभाग में दौड़ते थे। अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा ने इसे अपनी प्राथमिकता बनाई थी। अब गंभीर बच्चों को ही शिशु रोग विभाग भेजा जाएगा।

दरभंगा के डीएमसीएच के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में एंडोस्कोपी सुविधा की शुरुआत हुई है। इससे मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगे खर्च से बचने में मदद मिलेगी। आधुनिक मशीनों से पेट दर्द, रक्तस्राव और कैंसर का पता लगाने में सहायता मिलेगी। नियमित जांच की सुविधा से मरीजों को लाभ होगा।

दरभंगा। डीएमसीएच के मेडिसिन विभाग के आईसीयू को जीर्णोद्धार के लिए शनिवार को खाली करा

दरभंगा के डीएमसीएच उपाधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने मातृ-शिशु अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में निक्कू पूरी तरह खाली पाया गया। नवजातों का इलाज शिशु रोग विभाग में भेजा जा रहा है, जबकि एमसीएच में आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। उपाधीक्षक ने जल्द इलाज शुरू करने का निर्देश दिया।

दरभंगा के डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा ने इमरजेंसी विभाग का निरीक्षण किया। एसओडी ड्यूटी पर अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद उन्हें फोन कर ड्यूटी पर आने का निर्देश दिया गया। अधीक्षक ने मरीजों के बेड पर अस्पताल के कंबल न होने पर भी नाराजगी जताई। मरीजों की सुविधाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।