
26 जुलाई का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष है। आज देवशयनी एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा और साथ ही रवि प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा, जिससे भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा का शुभ संयोग बन रहा है। हरिवासर समाप्ति सुबह 5:39 बजे होगी और इसके बाद सुबह 5:39 बजे से 8:22 बजे तक पारण का शुभ समय रहेगा।

देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने और चातुर्मास की शुरुआत की मान्यता है। इस दिन व्रत, पूजा और व्रत कथा का विशेष महत्व माना जाता है। कथा के अनुसार, राजा मान्धाता ने देवशयनी एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु की कृपा से अपने राज्य को अकाल से मुक्ति दिलाई थी।

Aaj Ka Panchang Devshayani Ekadashi 2026 Today: 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत मानी जाती है, जब धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस अवधि में विवाह, गृहप्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।

देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु के 108 नामों का जाप करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस एकादशी से ही विष्णु जी योगनिद्रा में जाते हैं। ऐसे में ये एकादशी बेहद ही खास मानी जाती है। यहां पढ़ें भगवान विष्णु के 108 नाम।
देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु उनकी ये 4 सबसे ज्यादा प्रिय चीजों का भोग लगाना शुभ माना जाता है। जानें श्रीहरि को प्रसन्न करने वाले खास भोग और तुलसी से जुड़े जरूरी नियम जिससे आपकी सारी मनोकामना पूरी हो सकती है।
Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु के चार महीने के लिए योगनिद्रा में जाने की धार्मिक मान्यता है। इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत होती है और मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। जानें भगवान विष्णु की योगनिद्रा का महत्व, इसके पीछे की मान्यता और चातुर्मास का आध्यात्मिक संदेश।
Devshayani Ekadashi 2026: इस वर्ष देवशयनी एकादशी का व्रत 25 जुलाई को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है। जानें व्रत पूजा का शुभ समय, पारण का मुहूर्त, व्रत के नियम और इस एकादशी का धार्मिक महत्व।
Chaturmas 2026: देवशयनी एकादशी 25 जुलाई 2026 से चातुर्मास शुरू हो जाएगा। जानिए अगले 4 महीने गलती से भी कौन से 5 काम नहीं करने चाहिए और चातुर्मास के नियम।
Devshayani Ekadashi Katha in Hindi: हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी व्रत का बहुत महत्व है। मान्यता है कि इस दिन व्रत कथा का पाठ करने या सुनने से व्रत के पूर्ण फल की प्राप्ति होती है। आइए यहां पढ़ें देवशयनी एकादशी व्रत की संपूर्ण कथा।
Devshayani ekadashi 2026 vrat ka fal: हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एकादशी व्रत रखा जाता है। लेकिन आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी का खास महत्व है। जानें देवशयनी एकादशी व्रत रखने से क्या फल मिलता है।