
इनमें अधिकतर वही मोहल्ले हैं, जो पिछले वर्ष भी डेंगू से प्रभावित रहे थे। पटना के अस्पतालों में डेंगू और डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीज अब लगातार पहुंचने लगे हैं। पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, पटना एम्स, एनएमसीएच में डेंगू के कई मरीज अब तक मिल चुके हैं। आईजीआईएमएस में चार मरीज भर्ती हैं।
राज्य में डेंगू मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राज्य भर में (25 अक्टूबर) को डेंगू के 204 मरीज मिले हैं। राज्य में इस साल एक जनवरी से 25 अक्टूबर तक मरीजों की कुल संख्या 6656 हो गई है।

पटना सिटी से दानापुर तक के लगभग सभी मोहल्लों में डेंगू ने पांव पसार लिया है। यहीं नहीं, संपतचक, बाढ़, मोकामा, फतुहा और अथमलगोला में भी प्रकोप बढ़ रहा है। इससे अस्पतालों में मरीजों की भी संख्या बढ़ गई है।

सदर की पैथोलॉजी लैब में एलाइजा जांच मशीन के अलावा सीबीसी मशीन भी ठीक से काम नहीं कर रही है। नई सीबीसी मशीन के लिए अधीक्षक ने सीएस को पत्र लिखा है। सीबीसी मशीन से डेंगू पीड़ितों के प्लेटलेट का पता चलता है।

डेंगू से परेशान बिहार और देश के दूसरे शहरों के लोगों के लिए टीका बनाने का काम तेजी से चल रहा है। पटना में डेंगू की वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल का तीसरा चरण शुरू हो गया है। छह लोगों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। बिहार में लगभग 500 लोगों को इसका परीक्षण टीका लगेगा।