दिल्ली-एनसीआर के नागरिकों और एनजीओ ने CAQM को सुधारों की सूची सौंपी है, जिसमें AQI मीटर की 500 वाली सीमा को हटाने, प्रदूषण के दिनों में मेट्रो-बस मुफ्त करने और प्रदूषण को साल भर की 'पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी' घोषित करने जैसी क्रांतिकारी मांगें शामिल हैं।

दिल्ली में जनवरी के 29 दिन हवा प्रदूषित रही और दो दिन AQI 400 के पार पहुंच गया। कम हवा की गति और मौसम के बदलाव के कारण इस साल जनवरी का महीना पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक जहरीला और सेहत के लिए खतरनाक रहा।

Delhi Air Pollution: दिल्ली में इस जनवरी सामान्य से 33% अधिक बारिश के बावजूद औसत AQI पिछले साल से अधिक रहा। विशेषज्ञों के अनुसार हवा की धीमी गति और ला नीना का प्रभाव न होना इसके मुख्य कारण रहे हैं।

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण जांच प्रणाली को पूरी तरह बदलने के लिए 'PUC 2.0' मॉडल तैयार किया है, जिसमें सड़क किनारे के बूथों की जगह सेंसर और रोबोटिक्स आधारित सेंट्रलाइज्ड सेंटर होंगे।

दिल्ली एनसीआर में शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश के बाद वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हुई इस बारिश और तेज हवाओं ने राजधानी की हवा को काफी हद तक साफ कर दिया है।

Delhi GRAP-3 News: राजधानी दिल्ली और एनसीआर इलाकों की हवा आज और साफ होते ही ग्रैप-3 को भी हटा लिया गया है। बता दें कि एक दिन पहले ही ग्रैप-4 हटाया गया था। आज हवा की क्वॉलिटी 322 दर्ज की गई है।

यमुना में अमोनिया का स्तर 3 ppm पार होने से वजीराबाद और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 50 प्रतिशत तक घट गई है, जिससे मध्य, उत्तर और दक्षिण दिल्ली के दर्जनों इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी।

सीएक्यूएम ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का मुख्य कारण वाहनों का धुआं है। कोर्ट ने अब सभी संबंधित राज्यों और निकायों से चार सप्ताह में ठोस कार्य योजना रिपोर्ट मांगी है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार को 4 हफ्ते के भीतर एक्शन प्लान पेश करने का निर्देश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने साफ कर दिया है कि CAQM के सुझाए गए 15 लॉन्ग टर्म उपायों को बिना देरी लागू किया जाना चाहिए।

एक नई रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली का जानलेवा प्रदूषण अब घरों, स्कूलों और अस्पतालों के भीतर भी 8 गुना अधिक पाया गया है, जिससे बचाव के लिए केवल एयर प्यूरीफायर ही एकमात्र प्रभावी उपाय साबित हो रहा है।