
Delhi Air Toxic: दिल्ली में पलूशन से अभी भी राहत नहीं है। सोमवार सुबह दिल्ली में औसतन एक्यूआई 318 दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा बुरा हाल बावना का है। यहां एक्यूआई 368 पहुंच गया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह अपने विभिन्न निर्माण स्थलों पर प्रभावी धूल नियंत्रण उपाय अनिवार्य रूप से लागू करे।

Air Pollution: देश के 80 से अधिक पद्म पुरस्कार प्राप्त डॉक्टरों ने वायु प्रदूषण पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने बचाव के तरीके बताए, साथ ही सरकार से अपील भी की।

देश में पहली बार सोलर, हवा, थर्मल और हाइड्रोजन से बिजली पैदा कर ई-वाहन चार्ज किए जाएंगे। इससे पलूशन भी कम होगा। इसके लिए गुरुग्राम में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी की सातवीं बैठक होनी है।

दिल्ली में पलूशन पर जल्द गुड न्यूज मिलने वाली है, लेकिन अभी चार दिन भारी पड़ने वाले हैं। सीएम रेखा गुप्ता ने सरकार का आगे का प्लान बताया है।

रेखा गुप्ता ने अपने एक्स पोस्ट पर लिखा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमारी सरकार हर मोर्चे पर मिशन मोड में कार्यरत है। इसी कड़ी में धूल नियंत्रण के लिए आईटीओ पर नए मिस्ट स्प्रे सिस्टम की शुरुआत की गई। इस अवसर पर कैबिनेट सहयोगी आशीष सूद तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ लिए फैसलों के बारे में बताया। सिरसा के बताए अनुसार, सभी सड़कों को गड्ढामुक्त कर उन्हें धूल मुक्त भी किया जाएगा। इसके साथ एंटी स्मॉग गन और पानी का छिड़काव चलते रहेंगे।

दिल्ली में हवा लगातार जहरीली बन रही है। इतना ही नहीं एनसीआर में पलूशन के नए हॉटस्पॉट बने हैं। सीएसई की चौंकाने वाली रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ये निष्कर्ष स्पष्ट रूप से बताते हैं कि दिल्ली में प्रदूषण के दैनिक उछाल (daily spikes) पर यातायात-संबंधी उत्सर्जन का बहुत गहरा असर होता है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) के जारी किए गए इस विश्लेषण में कुछ महत्वपूर्ण बातें सामने आईं।

CJI ने कहा कि अब हम इस मामले की नियमित सुनवाई करेंगे। उन्होंने टिप्पणी की कि मेरे भाई ने मुझे बताया कि इस मामले की सिर्फ़ इसलिए सुनवाई हुई कि दिल्ली के पॉल्यूशन लेवल और हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।