
किसानों के लिए साधन सहकारी समितियों की सदस्या अब अनिवार्य हो गई है। केवल सदस्यों को ही यूरिया और डीएपी की उपलब्धता मिलेगी। जिले में 211 समितियां सक्रिय हैं और 80 हजार किसानों ने सदस्यता प्राप्त की है। बाहरी किसान खाद नहीं ले सकेंगे। सदस्या के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा।

बैरिया, हिन्दुस्तान संवाद। आलू और गेहूं के पिक सीजन में क्षेत्र के किसी

भभुआ जिले में खाद की कालाबाजारी जारी है, जहां किसान महंगे दाम पर यूरिया और डीएपी खरीदने को मजबूर हैं। जबकि सरकार ने यूरिया का दाम 266 और डीएपी का 1350 निर्धारित किया है, दुकानदार इन्हें 320 और 1500 में बेच रहे हैं। किसान प्रशासन की निष्क्रियता से नाराज हैं।

फतेहपुर में सहकारिता विभाग ने सभी समितियों में 500 बोरी यूरिया पहुंचाने की जानकारी दी है। किसानों को डीएपी की आवश्यकता पर समितियों से प्राप्त करने का सुझाव दिया गया है। आरटीजीएस के माध्यम से खाद लगातार उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों से अपील की गई है कि वे पर्याप्त खाद लें और भंडारण न करें।

मैनपुरी में किसान फसलों में अधिक उत्पादन के चक्कर में डीएपी और यूरिया खाद का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे मृदा पर विपरीत असर पड़ रहा है। कृषि अधिकारी ने किसानों को संतुलित मात्रा में खाद का उपयोग करने और संबंधित दुकानदारों को उचित बिक्री नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

बांदा। संवाददाता सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अंसल कुमार ने बताया कि बुधवार

भाकियू चढूनी की मासिक पंचायत में किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। क्षेत्र में यूरिया और डीएपी की कमी है। पशुओं में खुरपका की बीमारी फैलने की भी चिंता जताई गई। पंचायत ने तहसीलदार को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। कई प्रमुख सदस्य बैठक में उपस्थित रहे।

बांदा में सहायक आयुक्त अंसल कुमार ने बताया कि बुधवार को 162 मीट्रिक टन यूरिया और 175 मीट्रिक टन डीएपी विभिन्न वितरण केंद्रों को भेजी गई। पिछले दिन 1606.455 मीट्रिक टन यूरिया प्राप्त हुई थी। इसके अलावा, 1600 मीट्रिक टन डीएपी की रैक भी आई है।

गेहूं की बुआई के लिए किसानों के लिए खुशखबरी है। जिले में 1337.40 मीट्रिक टन यूरिया और 1323 मीट्रिक टन डीएपी की रैक पहुंची है। ये कृषि गोदाम में रखी जाएगी और सहकारी समितियों में भेजी जाएगी। किसानों में डीएपी की भारी मांग है और अब इसकी कमी नहीं होगी।

दरभंगा में डीएम कौशल कुमार की अध्यक्षता में जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक हुई। किसानों को उचित मूल्य पर यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। विधायक ने बीज के अंकुरण की समस्या और खाद की कालाबाजारी पर चर्चा की। किसानों को राहत और उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उपाय सुझाए गए।