
आंध्र प्रदेश में बढ़ते कोरोना मरीजों के पीछे इसका आरएफ.5 ओमिक्रॉन वेरिएंट है। जानकारों का कहना है कि यह ओमिक्रॉन के अन्य वेरिएंट की तरह ही होता है। यह उनसे ज्यादा खतरनाक नहीं है।

महाराष्ट्र और पुणे में 3 साल बाद कोरोना ने फिर दस्तक दी है। पिछले 10 दिनों में कोविड के मामले अचानक बढ़े हैं। डॉक्टरों ने लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। जानिए क्या है नई लहर का खतरा।

आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में कोरोना के 8 मामले पाए गए हैं। जून से लेकर अब तक प्रदेश में 13 केस सामने आए हैं जिनमें से चार की मौत हो चुकी है। सीएम चंद्रबाबू नायडू ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया है।

स्वास्थ्य सचिव एस. सुरेश कुमार ने बताया कि कडपा में पांच मामलों की पहचान की गई थी और बाकी तीन संक्रमित उनके संपर्क में आए लोग थे। सभी संक्रमितों को होम आइसोलेशन या स्पेशल कोविड वार्ड में रखकर मॉनिटर किया जा रहा है।
मुंबई में इन दिनों स्वाइन फ्लू और कोविड-19 के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मॉनसून में देरी और आर्द्रता की वजह से वायरस हवा में ज्यादा समय तक जीवित रहते हैं। इसलिए ऐसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।
फाइजर कंपनी के पूर्व टॉक्सिकोलॉजिस्ट ने जर्मनी की संसद में दावा किया कि कोविड-19 वैक्सीन की वजह से लाखों लोगों की जान चली गई। इसके बाद एलन मस्क ने दावे का समर्थन करते हुए कहा कि दूसरे डोज के बाद उन्हें लगा जैसे जान ही चली जाएगी।
सबवेरिएंट BA.3.2 पहली बार नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में डिटेक्ट किया गया। मार्च 2026 तक यह अमेरिका के 25 राज्यों में वेस्टवॉटर और ट्रैवलर सैंपल्स में पाया गया है। साथ ही यूरोप (जैसे- जर्मनी, डेनमार्क, नीदरलैंड्स) में 30% तक पहुंच चुका है।
कोविड-19 का बीमारी का इतिहास और टीकाकरण की स्थिति युवाओं और बड़ों दोनों में लगभग एक जैसी पाई गई। टीकाकरण और मौतों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं मिला। ये नतीजे दुनिया भर के वैज्ञानिक अध्ययनों से मेल खाते हैं, जो कोविड वैक्सीन को सुरक्षित बताते हैं।
Covid 19: महाराष्ट्र में एक बार फिर कोरोना लोगों को डराने लगा है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सोमवार को कुल 64 मामले नए सामने आए हैं। इन नए मामलों के साथ ही राज्य में 2025 में सामने आए कुल मामलों की संख्या 1500 से ऊपर पहुंच गई है।
चीन मामलों के शीर्ष अमेरिकी विशेषज्ञ ने चीन को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। कहा कि अगर अमेरिका ने सावधानी नहीं बरती तो वह कोविड से भी बड़े खतरे का सामना कर सकता है।