नीतीश कुमार आज से सांसद हो जाएंगे। दोपहर में वे राज्यसभा सदस्य की शपथ लेंगे। वहीं, बिहार में नए मुख्यमंत्री का काउंटडाउन शुरू हो गया है। नए सीएम के नाम और नई सरकार के गठन पर चर्चा के लिए दिल्ली में बिहार भाजपा कोर टीम की अहम बैठक है, जिस पर भी सभी की निगाहें रहने वाली हैं।

बिहार में एनडीए की नई सरकार और नए मुख्यमंत्री को लेकर नीतीश कुमार ने सस्पेंस बढ़ा दिया है। दिल्ली में पत्रकारों ने जब नीतीश से पूछा गया कि क्या अगला मुख्यमंत्री उनकी पसंद से होगा, तो उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया।

नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद की शुक्रवार को शपथ लेने के बाद अगले सप्ताह तक बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने वाले हैं। हालांकि, अगर वह अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करते तो उनके नाम एक और रिकॉर्ड बन जाता।

दिल्ली पहुंचे नीतीश कुमार ने खुद बताया कि वह बिहार के मुख्यमंत्री पद का छोड़ने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब वह सीएम पद छोड़कर राज्यसभा जॉइन कर रहे हैं और अब यहीं रहेंगे।
भाजपा बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन और नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी को कुछ दिन टाल सकती है। राज्यसभा सांसद बनने के बाद नीतीश कुमार कुछ और दिनों तक सीएम पद पर बने रहेंगे। भाजपा के एक मंत्री से इसके संकेत मिले हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को पटना से दिल्ली जा रहे हैं। 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद की वे शपथ लेंगे। पटना लौटने से पहले उनकी राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हो सकती है।
संभावित नाम मांगेगा। इस दौरान कोशिश रहेगी कि नीतीश कुमार के बाद नए सीएम के लिए किसी ऐसे चेहरे को आगे किया जाए जिसपर सभी की सहमति बन सके।
सोनपुर स्थित बाबा हरिहर नाथ मंदिर के दर्शन के बाद संवाददाताओं से बातचीत में निशांत ने कहा, 'पिछले 20 वर्षों में मेरे पिता ने जो काम किए हैं, उन्हें लोग भूल नहीं पाएंगे। मैं उनसे अपील करता हूं कि वे मुझ पर, हमारी पार्टी पर और मेरे पिता पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें।'
बिहार सरकार राज्य में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 'हेली-टूरिज्म' सेवा शुरू करने जा रही है। इसके तहत पटना से बोधगया, राजगीर, नालंदा, वैशाली, पटना साहिब, विक्रमशिला, पावापुरी और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध होगी। इस योजना के लिए 5 साल का करार किया जाएगा।
बिहार सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत तय समय पर नया कनेक्शन न देने वाले अधिकारियों पर ₹1,000 प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जाएगा। शहरों में 3 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 दिन के भीतर कनेक्शन देना अनिवार्य होगा।