
झारखंड हाईकोर्ट ने लोहरदगा जिले में 5 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी की फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया है। अदालत ने अभियुक्त की दोषसिद्धि बरकरार रखी, जबकि सजा के प्रश्न पर कहा कि यह मामला 'दुर्लभ से दुर्लभतम' नहीं है। पीड़िता के परिवार को मुआवजा देने का निर्देश भी दिया गया है।
प्रतापगढ़ के उड़ैयाडीह बाजार में 20 दिसंबर को आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के मुख्य आरोपी जावेद उर्फ चांदबाबू को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। हालांकि, वह अस्पताल से पुलिस की निगरानी को धता बताकर भाग निकला। इस मामले में शामिल चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

ओडिशा के भद्रक जिले में 10 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद लोगों ने आरोपी का घर तोड़ दिया। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की और त्वरित जांच के निर्देश दिए। विपक्ष ने बंद का आह्वान किया है।

इटवा पुलिस ने मुंबई क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर 18 साल से फरार नन्दलाल विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया है। उस पर 2007 में एक 5 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या का आरोप है। आरोपी को उसके गांव से पकड़ा गया, जहां वह लंबे समय से छिपा हुआ था।

विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अनिल बिंद को 21 साल की कठोर कारावास और 25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि लैंगिक अपराधों पर रोक लगाना न्यायालयों की जिम्मेदारी है। पीड़िता को राहत राशि देने का भी आदेश दिया गया।

उत्तराखंड में दो बेहद शर्मनाक घटनाएं सामने आई हैं। देहरादून में नौवीं की छात्राओं ने बाल आयोग से अपने शिक्षक की अश्लील हरकतों की शिकायत की है। वहीं, चमोली के सरकारी स्कूल में शिक्षक पर बच्चों के यौन शोषण में मुकदमा।

वाराणसी की विशेष न्यायाधीश अजय कुमार की अदालत ने दो दुष्कर्म के मामलों में दोषियों को सजा सुनाई। लालपुर-पांडेयपुर में आठ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी विनोद लकड़ा को 20 साल की सजा और 55 हजार रुपये जुर्माना, जबकि मूकबधिर किशोरी से दुराचार के लिए गोविंदा सोनकर को 10 साल की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।

महाराष्ट्र सरकार ने नासिक के मालेगांव तालुका में चार साल की बच्ची के दुष्कर्म और हत्या के मामले में उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया है। यह घटना 16 नवंबर को हुई थी और इसके बाद राज्य में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने आरोपी विजय खैरनार को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की तत्परता के चलते 25 नवंबर को बच्ची को सकुशल बरामद कर मुंबई लाया गया। मालूम काफी डरी और सहमी हुई थी। पुलिस अधिकारी ने बच्ची को चॉकलेट देकर ढाढस बंधाया और फिर उसे उसकी मां के हवाले कर दिया गया।

नैना ब्राह्मण सदर के निवासी सुनील उर्फ फौजी को बालिका से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी पाया है। विशेष न्यायाधीश ने उसे 20 वर्ष की सजा और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। पीड़िता ने आरोपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए 14 अप्रैल 2021 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।