
Sakat Chauth Vrat : आज यानी 6 जनवरी 2026 को देशभर में सकट चौथ का पावन व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ रखा जा रहा है। यह व्रत खास तौर पर संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-शांति के लिए किया जाता है। सकट चौथ को कई जगह संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है।

Aaj Chand Nikalne Ka Time: आज यानी 6 जनवरी 2026 को देशभर में सकट चौथ का पावन व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ रखा जा रहा है। इस व्रत में चंद्र दर्शन सबसे अहम माना जाता है, क्योंकि चांद को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।

Sakat Chauth 2026: सकट चौथ का व्रत संतान की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और रात में चांद के दर्शन के बाद ही व्रत खोलती हैं। मान्यता है कि सकट चौथ पर गणेश जी और चंद्र देव की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं।

sakat chauth aaj chand kab niklega: इस बार सकट चौथ के त्योहार को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि चतुर्थी तिथि दो दिन पड़ रही है। कई लोग असमंजस में हैं कि यह व्रत 6 जनवरी को रखा जाए या सात जनवरी को।

chand kab niklega, moon rise timing Rajasthan: इस बार करवाचौथ का व्रत 10 अक्तूबर को होगा। यह व्रत कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि को किया जाता है। करवाचौथ पर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।

Karwa Chauth Time 2025: कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि को पड़ने वाला संकष्ठी श्री गणेश करक चतुर्थी व्रत जिसे करवा चौथ व्रत भी कहा जाता है। इस साल 10 अक्टूबर 2025 दिन शुक्रवार को होगा। सुहागिन स्त्रियां अपने पति की दीर्घायुष्य, यश-कीर्ति तथा सौख्य वृद्धि के लिए करती है।

इस साल गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को मनाई जा रही है। इस दिन चंद्रमा कन्या राशि में है। बुधवार का दिन है, जो गणेश जी को समर्पित है, इसके अलावा चित्रा नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि, रवि,शुभ योग में गणपति की स्थापना की जाएगी। यहां पढ़ें कैसे करें गणपति की स्थापना और चंद्र दर्शन से क्यों बचें

Today Sakat chauth vrat moon time 2025: सकट चौथ के दिन चंद्र दर्शन अत्यंत शुभ माना गया है। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही सकट चौथ व्रत पूर्ण होता है। जानें आपके शहर में आज चांद कब दिखेगा-

Sakat chauth moon rise time today: आज देशभर में सकट चौथ का व्रत मनाया जा रहा है। इस व्रत में माताएं अपनी संतान के लिए व्रत रखती हैं। आपको भी चांद का इंतजार रहेगा, ऐसे में आप यहां पढ़ें आपके शहर में कब निकलेगा चांद

हर साल मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर गणाधिप संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है। इस दिन विधि- विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। 18 नवंबर 2024 को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी है।