
राजगंज में बजरंगबली दल सह चैती दुर्गा पूजा समिति द्वारा एक सप्ताह तक चली चैती दुर्गा पूजा धूमधाम से सम्पन्न हुई। शनिवार रात को मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन नाथू बांध में किया गया। मेले का समापन भी हुआ और श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। समिति के सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा।

पेटरवार प्रखंड के पिछरी में चैती दुर्गापूजा का समापन रविवार को प्रतिमा विसर्जन के साथ हुआ। भंडारे और शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने भी भाग लिया। गोमिया प्रखंड के आईईएल काली मंदिर में भी विसर्जन हुआ, जहाँ श्रद्धालुओं ने ढोल-ढाक के साथ मां दुर्गा को विदाई दी।

राजगंज में चैती दुर्गा पूजा के अवसर पर शनिवार रात डांडिया नाइट का आयोजन किया गया। महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन थाना प्रभारी अलीशा कुमारी ने किया। कलाकारों ने डांडिया से जुड़े गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम रात नौ बजे से देर रात तक चला और महिलाएं व युवतियों ने नृत्य का आनंद लिया।

भुरकुंडा में शनिवार रात बासल के लबगा स्थित शिव शक्ति मंदिर में चैती दुर्गा पूजा के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जोशी लाल महतो म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी, जिससे ग्रामीण मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम में आसपास के कई क्षेत्रों से लोग शामिल हुए। आयोजन को सफल बनाने में पूजा समिति के सदस्यों ने योगदान दिया।
श्री चैती दुर्गा पूजा समिति, डोरंडा ने पूजा एवं विसर्जन शोभायात्रा में सभी धार्मिक संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई तालाब पहुंची, जहां देवी की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इसमें कई संगठनों ने स्वागत किया और भक्तों के लिए शिविर लगाए।
गिरिडीह में शनिवार को चैती दुर्गा पूजा का समापन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने ढ़ोल-बाजे के साथ मां दुर्गे की प्रतिमा का विसर्जन किया। महिलाओं ने खोईछा भराई और सिंदूर लगाने की रस्म निभाई। सेंट्रलपीट से निकले श्रद्धालुओं ने प्रतिमा को मानसरोवर तालाब में विसर्जित किया। यहां भारी भीड़ उमड़ी और कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत किया।
कतरासगढ़ राजबाड़ी रोड में चैती दुर्गापूजा महोत्सव के अवसर पर नवपत्रिका का विसर्जन किया गया। शोभायात्रा में सैकड़ों लोग मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए शामिल हुए। पश्चिम बंगाल के सैंथिया से आए ढाक नृत्य ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण बढ़ाया। भंडारे का आयोजन भी किया गया।
झरिया के आमलापाड़ा दशेर मेला दुर्गा मंदिर में चैती दुर्गा पूजा का समापन धूमधाम से हुआ। भक्तों ने मां दुर्गा को विदाई दी और अगले वर्ष पुनः आने की कामना की। महिलाएं पारंपरिक सिंदूर खेला में शामिल हुईं और फिर झरिया तालाब पर विसर्जन के लिए नाचते-गाते गईं।
र ने किया। नाटक के दौ कई गणमान्य लोगों के साथ-साथ आम दर्शकों की भारी उपस्थिति रही। नाटक में समाज में व्याप्त अत्याचार और उसके दुष्परिणामों को प्रभावी
सुल्तानगंज, निज संवाददाता। प्रखंड के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चैती दुर्गा पूजा धार्मिक रीति-रिवाज