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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने इस साल पहली बार कक्षा 10 के छात्रों के लिए दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित की थी, ताकि छात्र अपने अंकों में सुधार कर सके। CBSE कक्षा 10 की दूसरी बोर्ड परीक्षा का परिणाम जून 2026 के चौथे सप्ताह में जारी कर सकता है।

सीबीएसई 10वीं बोर्ड की दूसरी परीक्षा 15 मई से 21 मई 2026 के बीच आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 6.8 लाख छात्रों ने भाग लिया। वहीं, अब अनुमान लगाया जा रहा है कि बोर्ड 21 जून से 27 जून 2026 के बीच कभी भी परिणाम घोषित कर सकता है।

CBSE Class 10 Second Board Result 2026: CBSE 10वीं सेकंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in पर जारी होने वाला है। परीक्षा में शामिल हुए 6.68 लाख से अधिक छात्र अपने रोल नंबर से स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

CBSE Class 12 Re-evaluation Results 2026 को लेकर छात्रों की चिंता बढ़ रही है। JoSAA काउंसलिंग शुरू हो चुकी है और संशोधित परिणामों का इंतजार कर रहे छात्र दाखिले को लेकर परेशान हैं।
CBSE Class 12 Re-evaluation 2026 : सीबीएसई ने आखिरकार कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए आंसर शीट री-इवेल्यूएट और वेरिफिकेशन कराने की विंडो खोल दी है। छात्र https://postresult.cbseit.in/pvr पर जाकर एप्लाई कर सकते हैं।
CBSE ने इस वर्ष कक्षा 12 बोर्ड परीक्षाओं के लिए नया ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू करने से पहले क्षेत्रीय कार्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट चलाने संबंधी अपने ही संचालन निकाय के सदस्यों की राय को नजरअंदाज किया।
CBSE class 12 : विद्यार्थियों ने शिकायत करते हुए कहा कि एक विषय की कॉपी के लिए 100 रु फीस है, लेकिन कुछ छात्रों को पोर्टल पर 10,000 रुपए से लेकर 3.5 लाख रुपये तक का भुगतान करने का ऑप्शन दिख रहा है।
सीबीएसई कक्षा 12 रिजल्ट 2026 में फिजिक्स, मैथ्स, केमिस्ट्री और अकाउंटेंसी जैसे विषयों में ए1 कटऑफ घटा है। ऑन-स्क्रीन मार्किंग को लेकर छात्रों की शिकायतों के बीच बोर्ड ने पहली बार विस्तृत आंकड़े जारी किए।
CBSE Class 12 Result 2026: सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन, वेरिफिकेशन और उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन्ड कॉपी प्राप्त करने की तारीखों का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है।
सीबीएसई ने कहा है कि 12वीं कक्षा की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और समान अवसर आधारित है तथा ओएसएम प्रणाली इसी उद्देश्य से लागू की गई है। छात्रों ने कम अंक के लिए इसे जिम्मेदार ठहराया था।