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सीबीएसई ने सुरक्षा और तकनीकी गड़बड़ियों के चलते 12वीं की कॉपियों के री-इवैल्यूएशन के लिए निजी OnMark प्लेटफॉर्म को हटाकर पूरा डेटा अपने नियंत्रण वाले सर्वर पर ट्रांसफर कर दिया है।

सीबीएसई ने 12वीं की आंसरशीट की रीइवैल्यूएशन वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। यानी जो भी छात्र अपनी आंसरशीट रीइवैल्यूएट करवाना चाहता है उसे अपना आधार नंबर डालकर वेरिफिकेशन करना होगा।

CBSE Class 12 Re-evaluation 2026 : सीबीएसई ने आखिरकार कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए आंसर शीट री-इवेल्यूएट और वेरिफिकेशन कराने की विंडो खोल दी है। छात्र https://postresult.cbseit.in/pvr पर जाकर एप्लाई कर सकते हैं।

CBSE: सीबीएसई का पुनर्मूल्यांकन पोर्टल आज, 1 जून 2026 की आधी रात (12:00 AM) से पहले हर हाल में ऑनलाइन लाइव कर दिया जाएगा। कॉपियों की दोबारा जांच और पुनर्मूल्यांकन के लिए परेशान न हों छात्र।
CBSE OSM Row: सीबीएसई ने 'कोएम्प्ट एजुटेक' (Coempt EduTeck) को करोड़ों रुपये का टेंडर देने से ठीक पहले टेंडर नियमों से ‘ब्लैकलिस्टिंग’ की सबसे महत्वपूर्ण शर्त को ही गायब कर दिया था।
CBSE 12th Evaluation: सीबीएसई बोर्ड से छात्र सवाल पूछ रहे हैं—क्या आपने सच में कॉपियां जांचने के लिए प्रोफेशनल स्कैनर्स का इस्तेमाल किया था या किसी मोबाइल ऐप से फोटो खींचकर काम चला लिया?
सीबीएसई ने अपनी ऑनस्क्रीन मार्किंग का ठेका कोएम्प्ट एडु टेक को दिया था। यह ठेका बोर्ड परीक्षा से सिर्फ 74 दिन पहले ही दिया गया था। सवाल उठ रहे हैं कि कॉन्ट्रेक्ट और ओएसएम पर इतनी हड़बड़ी क्यों थी।
अगले साल सीबीएसई छात्रों को उनकी मार्कशीट और सर्टिफिकेट के साथ-साथ उनकी आंसरशीट की स्कैन की हुई कॉपी भी सीधे डिजिलॉकर में मिलने की संभावना है। केंद्र सरकार ऐसा विचार कर रही है।
सीबीएसई ने ऑनलाइन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम के लिए एक के बाद एक तीन बार टेंडर निकाले लेकिन कोई क्वालिफाइड वेंडर नहीं मिला। तीसरी बार अगस्त 2025 में बोर्ड ने बेहद जरूरी शर्तों में ढील दी।
एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक डैमेज कंट्रोल करने के लिए CBSE क्षेत्रीय कार्यालयों ने स्कूल प्रिंसिपलों को एक सोशल मीडिया टूलकिट भेजी है। निर्देश दिया गया था कि वे सोशल मीडिया पर बोर्ड के विवादित ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का बचाव करें।