
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस एडीए ग्रुप और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के खिलाफ दर्ज मामले में गुरुवार को मुंबई, गुरुग्राम और बेंगलुरु में सात अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की।

वैशाली इलाके के कई सिम विक्रेता फर्जी नाम पते पर सिम बेचने में चिह्नित हुए हैं। इस तरह के मामलों में सीबीआई बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड के लिए सिम बेचने और एजेंट को सिम उपलब्ध कराने वाले डीलर आदि को जांच के रडार पर लिया है।

वाराणसी में उत्तर रेलवे के एसीएम विनीत कटियार को उनके पद से हटा दिया गया है। सीबीआई ने पिछले हफ्ते उनके आवास पर छापेमारी की थी, जिसमें नकदी और गहने बरामद हुए। उन पर कैंट स्टेशन पर ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन आवंटन में गड़बड़ी करने का आरोप लगा था।

बिल्डरों और वित्तीय संस्थाओं के बीच गठजोड़ के मामले में सीबीआई ने बड़ा ऐक्शन लिया है। आज जांच एजेंसी ने 8 राज्यों के 77 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने 22 मामले दर्ज किए हैं और अब ऐक्शन शुरू किया है।
यूपी की राजधानी लखनऊ में एलआईसी के फंड में घपला कर करोड़ों की ठगी में आरोपी समीर जोशी को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप था कि एलआईसी के फंड का दुरुपयोग किया गया ।
सीबीआई ने दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने में छापेमारी कर एक हेड कॉन्स्टेबल को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार, इसके अलावा दो अन्य पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है।
बिहार में रेलवे के अंदर बड़ा घूसकांड सामने आया है। आरोप है कि गयाजी से डेहरी ऑन सोन के बीच ट्रैक निर्माण में जुटी कंपनी के अधिकारियों ने बिल पास कराने की एवज में रेलवे अफसरों को लाखों रुपये की रिश्वत दी। इस मामले में कंपनी से जुड़े 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
70 लाख की रिश्वत में गिरफ्तार डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी एक दिन की रिमांड कोर्ट ने स्वीकृत की है। उनके साथ गिरफ्तार किए गए अधीक्षक अनिल तिवारी व अजय शर्मा की दो दिन की रिमांड मिली है।
सीबीआई ने मंगलवार को बस्ती यूपी ग्रामीण बैंक की मखौड़ाधाम शाखा में एक दुकानदार से रिश्वत लेते हुए मैनेजर नवीन सिंह कुलदीप और कर्मचारी अनिल कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
जीएसटी डिप्टी डायरेक्टर प्रभा भंडारी की टीम ने एक फर्म की 13 करोड़ रुपए की कर चोरी पकड़ी थी। जबकि ब्याज समेत दोनों फार्म को करीब 23 करोड़ रुपए देने थे। यहां से अफसरों की डीलिंग शुरू हुई। तीनों अफसर मिलकर 1.5 करोड़ रुपए रिश्वत लेकर टैक्सी की राशि घटाकर 50 लाख रुपए कराने की डील कर रह रहे थे।