
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में यह स्पष्ट कर दिया कि जाति-धर्म के आधार पर राजनीति करने वाले दलों पर रोक का प्रावधान नहीं है। इस आधार पर चुनाव आयोग को किसी दल का पंजीकरण रद्द करने का अधिकार नहीं है। कहा कि यह विषय विधायिका का है।

समाजवादी नेता और राज्यसभा के सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश और बीवी स्नेहलता कुशवाहा के बाद बहू साक्षी मिश्रा कुशवाहा भी जनता के बीच दिख रही हैं। साक्षी के राजनीति में आने की अटकलें शुरू हैं।

बिहार के हिसुआ से भाजपा विधायक अनिल सिंह ने यूजीसी के नियमों का खुलकर विरोध करते हुए मोदी सरकार से इसमें बदलाव की मांग की। उन्होंने यूपी और हरियाणा में सवर्णों की हैसियत का हवाला देते हुए इन नियमों का विरोध किया।

पटना के मशहूर कोचिंग शिक्षक गुरु रहमान ने यूजीसी के नए नियमों का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि वह खुद सवर्ण हैं लेकिन इन नियमों का वे समर्थन करते हैं।

बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाने के बाद से रालोमो के चार में तीन विधायकों की एकजुट बगावत झेल रहे उपेंद्र कुशवाहा से मिलने आरएसएस के बड़े नेता इंद्रेश कुमार उनके घर गए थे। चर्चा है कि बीजेपी इस बगावत को सुलझा सकती है।

चारा घोटाले के सजायाफ्ता लालू यादव का लगभग आधा परिवार एक ही केस में फंस गया है। दिल्ली में स्पेशल कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब केस में लालू-राबड़ी समेत दोनों बेटे तेजस्वी और तेज प्रताप तथा दो बेटियों मीसा और हेमा पर आरोप तय कर दिया है।

बिहार के पूर्व मंत्री और राजद नेता विजय कृष्ण ने पार्टी और राजनीति छोड़ने का ऐलान कर दिया है। 2004 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार को बाढ़ सीट से हराने वाले विजय कृष्ण ने लालू यादव को इस्तीफा भेज दिया है।

कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और आवास गणना होगी। उसके बाद दूसरे चरण में आबादी की गणना होगी।

बिहार विधानसभा का चुनाव इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। वोटिंग के मामले में अब तक के सारे रिकॉर्ड टूटे तो बहुमत में एनडीए अपने 2010 के नंबर से पीछे रह गया। लेकिन, पहली बार विधानसभा में एक भी निर्दलीय नहीं पहुंचा।

Bihar Vidhayak Jaati List: बिहार विधानसभा में चुनकर आए 243 विधायकों में 37 जातियों के नेता शामिल हैं। राज्य में अति पिछड़ों की आबादी पिछड़ों से 32 फीसदी ज्यादा है, लेकिन ओबीसी एमएलए की संख्या ईबीसी से दोगुने से भी ऊपर है।