
यूपी में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के बाद अब अप्रैल में जनगणना के लिए तैयार रहिए। प्रगणक घर-घर पहुंचकर परिवार के मुखिया से 33 सवाल पूछेगा। इनमें घर में शौचालय, पानी, बिजली, ड्रेनेज और अन्य जरूरी सुविधाएं शामिल होंगी।

बिहार में अगले साल होने वाली जनगणना की तारीख घोषित हो गई है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार में दो चरणों में 45 दिनों की अवधि में यह कार्य पूरा किया जाएगा।

सरकार ने दोबारा यह बयान जारी कर तारीखों और पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। दो हिस्सों में होगी जनगणना सरकार ने कहा है कि पहले चरण में मकानों की सूची बनाना और उनकी गणना करना शामिल होगा।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन को बताया कि जाति गणना को लेकर कई राज्यों और संगठनों से सुझाव और मांगें मिली हैं, जिनमें तमिलनाडु राज्य की ओर से भेजे गए अभ्यावेदन भी शामिल हैं।
आकाश गोयल की याचिका पर गंभीरता से विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह भी इस बात से सहमत हैं कि जनगणना में अपनी जाति बताने के लिए सिर्फ स्व घोषणा पर्याप्त नहीं है बल्कि इसके लिए कोई प्रमाणित सामग्री जरूरी है।
शीर्ष अदालत ने केंद्र और भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त के कार्यालय को निर्देश दिया कि जनहित याचिका दायर करने वाले शिक्षाविद् आकाश गोयल द्वारा इस मुद्दे पर दिए गए सुझावों पर विचार करें।
कांग्रेस का कहना है कि 30 अप्रैल 2025 को मोदी सरकार ने पूरी तरह यू-टर्न लेते हुए अचानक घोषणा की कि जाति गणना को जनगणना 2027 में शामिल किया जाएगा। इसके बाद 12 दिसंबर को यह घोषित किया गया कि जाति गणना, जनगणना के दूसरे चरण में होगी।
जनगणना के लिए अधिसूचना जारी होने के साथ ही जातीय गणना का मामला एक बार फिर समाजवादी पार्टी की तरफ से उठाया गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया कि अधिसूचना में जाति का कॉलम ही नहीं है।
राजस्थान में जनगणना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य में जनगणना के पहले चरण की तारीखें तय कर दी गई हैं। सांख्यिकी विभाग ने जनगणना के पहले फेज की अधिसूचना जारी कर दी है।
कोविड के कारण टल गई जनगणना 2021 के बाद, अब 2027 की जनगणना करने की यह कवायद दो चरणों में संपन्न की जाएगी- अप्रैल से सितंबर 2026 तक घरों की सूची बनाना और आवास गणना, और फरवरी 2027 में आबादी की गणना।