
झांसी में डॉ. योगोश्वर सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि वे मानसून की अनिश्चितता के चलते फसलों का चयन सावधानी से करें। कम बारिश वाले मौसम में मोटे अनाज और दलहन तिलहन पर ध्यान केंद्रित करने से खेती अधिक लाभकारी बन सकती है। किसानों को धान की जगह कम पानी मांगने वाले फसलों पर फोकस करना चाहिए।

लंबे समय से चल रही एम्स की मांग सीएम की पहल का बुंदेलों ने किया स्वागत

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही है। केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर, प्रभारी मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड में पेयजल, रोजगार और किसान राहत योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने हेतु किसान सम्मान निधि का जिक्र किया और महिलाओं के लिए पीएम उज्जवला योजना की अपेक्षा की।

झांसी के कृषि विशेषज्ञ डॉ. सुशील कुमार सिंह ने बुंदेलखंड के किसानों को सलाह दी है कि यदि वे अगेती अरहर की खेती करेंगे, तो उन्हें अधिक लाभ मिलेगा। फसल 140 दिन में तैयार होती है। जून 15 तक खेत की तैयारी और नए बीजों का चयन करना आवश्यक है।
झांसी। बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानि बीडा झांसी और बुंदेलखंड की नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। डेटा सेंटर तैयार करने के लिए प्रतिष्ठित कंपनियों ने उत्तर प्रदेश सरकार को प्रस्ताव दिया है, जिनमें पेटीएम और सिफी टेक्नोलॉज़ीज प्रमुख हैं।
बुन्देलखंड में मूंगफली की किसान यदि अच्छी किस्मों का प्रयोग करें तो अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए सावधानी से बीज चयन करना जरूरी है। वैज्ञानिक डॉ. जितेंद्र कुमार तिवारी ने किसानों को सलाह दी कि केवल प्रमाणित बीजों का उपयोग करें और बीजों का उपचार करें।
झांसी में मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय ने बैठक की, जिसमें पृथक बुंदेलखंड राज्य आंदोलन पर चर्चा हुई। चार प्रस्ताव पारित हुए, जिनमें सांसदों एवं विधायकों के पुतले जलाना, खून से पत्र लिखना, मशाल जुलूस निकालना और जनमत संग्रह कराना शामिल है। धनराशि एकत्रित करने की भी योजना बनाई गई।
0 शिक्षा, पर्यावरण, सड़क सुरक्षा पर कर रही कामफोटो-05- सदस्यता अभियान का शुभारंभ करते राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय तिवारी एडवोकेट व अन्य।मौदहा, संवाददाता। बु
झांसी में बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय का जेल से रिहाई पर भव्य स्वागत किया गया। उन्हें 4 जून को केन्द्र सरकार के पुतला फूंकने के कारण जेल भेजा गया था। भानू सहाय ने कहा कि उत्पीड़न से डरकर आंदोलन नहीं रुकेगा, बल्कि और तेजी से आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर बुंदेलों ने खून से खत लिखकर सीएम को बधाईयां दी। गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि गोरखगिरि पर्वत को पर्यटन तीर्थ के रूप में विकसित करने पर बधाई देते हुए मोदी के बाद योगी को प्रधानमंत्री बनने की प्रार्थना की।