
संसदीय समिति को सौंपी गई रिपोर्ट में मंत्रालय ने लागत में हुई भारी बढ़ोतरी के कारणों का भी खुलासा किया है। 2015 में इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 97,636 करोड़ रुपये थी, जो अब कई गुना बढ़ चुकी है।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की लागत बढ़ने का भार भारतीय रेलवे पर नहीं पड़ेगा। एनएचएसआरसीएल ने कहा कि कांग्रेस के आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। परियोजना की वित्तीय संरचना केंद्र और राज्य सरकारों की भागीदारी से लागू की जा रही है। इससे क्षेत्रीय विकास और तकनीकी प्रगति के लाभ मिलेंगे।

जापान दौरे पर योगी आदित्यनाथ ने यामानाशी में 500 किमी/घंटा रफ्तार वाली मैग्लेव ट्रेन में सफर किया। स्पीड देखकर वे उत्साहित दिखे और फोटो भी खिंचवाई। मैग्लेव को भविष्य की आधुनिक परिवहन तकनीक माना जा रहा है

मुंगेर में इरिमी के स्थापना दिवस समारोह के दौरान रेल महाप्रबंधक यू सुब्बाराव और प्रशांत कुमार मिश्रा ने भारतीय रेलवे में इरिमी की सक्रियता की सराहना की। उन्होंने वंदे भारत ट्रेन की स्पीड बढ़ाने में इरिमी के योगदान की चर्चा की और बुलेट ट्रेन की गति में भी सफलता की उम्मीद जताई। टापर इंजीनियरों को सम्मानित किया गया।
आईआरसीटीसी ने 02 से 11 अप्रैल तक जापान के लिए एक टूर पैकेज की घोषणा की है। इस टूर में टोक्यो, क्योटो, ओसाका, और हिरोशिमा जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण शामिल है। यात्रियों को हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन से यात्रा का अनुभव भी मिलेगा। अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट या कार्यालय से संपर्क करें।
जमालपुर में इरिमी की 99वीं वर्षगांठ समारोह आयोजित हुआ, जिसमें रेलवे के महाप्रबंधकों ने लग्जरियस कोच बनाने की प्रक्रिया और बुलेट ट्रेन जैसे स्पीड के विकास पर चर्चा की। इस अवसर पर देश-विदेश की कंपनियों ने नवीनतम तकनीकी प्रदर्शित की। इरिमी का योगदान भारतीय रेलवे के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी के बीच बुलेट ट्रेन चलेगी। इस मार्ग को वाराणसी से दिल्ली से भी जोड़ा जाना है। इसी कारण सिलीगुड़ी से पटना, वाराणसी होते हुए दिल्ली तक बुलेट ट्रेन की सुविधा लोगों को मिलेगी। इसके लिए एलिवेटेड रेल लाइन बनाया जाएगा।
दिल्ली से प्रयागराज और वाराणसी अब दूर नहीं है। 2021 में बुलेट ट्रेन जमीन सर्वे से शुरू हुई यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब पांच साल के लक्ष्य के साथ अगले चरण में प्रवेश करती दिख रही है। रेल मंत्री ने साफ संकेत दिया कि आने वाले समय में दिल्ली से वाराणसी की दूरी महज साढ़े तीन घंटे में तय की जा सकेगी।
बनारस रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त रेल लाइन बिछाई जाएगी, जो ट्रेनों की संख्या बढ़ने पर उपयोगी होगी। रेलमंत्री की वर्चुअल प्रेसवार्ता में एनईआर के डीआरएम आशीष जैन ने बताया कि बजट में बुलेट ट्रेन के प्रस्ताव से पूर्वांचल को लाभ मिलेगा। माधोसिंह स्टेशन पर कंटेनर डिपो का संचालन पुनः शुरू होगा।
दिल्ली से वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना अब 5 साल के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि यह ट्रेन केवल साढ़े तीन घंटे में यात्रा पूरी करेगी। प्रयागराज सहित कई जिलों में जमीन सर्वे 2021 में शुरू हुआ था, और इस परियोजना से उत्तर प्रदेश का विकास होगा।