
राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत ताज़ा बजट से राज्य का कर्मचारी वर्ग खासा निराश नजर आ रहा है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्षों से लंबित प्रमुख मांगों पर इस बार भी कोई ठोस और स्पष्ट घोषणा नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों में मायूसी का माहौल है।

राजस्थान सरकार ने 2026-27 के बजट में किसानों, शहरी विकास, हरित क्षेत्रों, सामाजिक सुरक्षा और सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री दीया कुमारी के नेतृत्व में प्रस्तुत इस बजट में कुल मिलाकर 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपए की घोषणाएं केवल कृषि क्षेत्र के लिए की गईं,

यूपी की योगी सरकार ने अपने दसवें बजट में महिलाओं के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया है। हर साल रक्षा बंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की तर्ज पर नई योजना आ रही है। रोडवेज बसों में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी।

सरकार ने मध्य यूपी को 1844 करोड़ रुपये तो पश्चिम यूपी के लिए 1790 करोड़ रुपये का बजट दिया है। इसी तरह पूर्वांचल को विभिन्न योजनाओं व विकास के लिए 478.50 करोड़ रुपये और बुंदेलखंड के लिए 150 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

वित्तमंत्री ने बताया, बजट में 43,565.33 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शामिल की गई हैं। खन्ना ने बताया कि समेकित निधि की प्राप्तियों से कुल व्यय घटाने के पश्चात 64,463.17 करोड़ रुपये का घाटा अनुमानित है।

कृषि क्षेत्र पर वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी कृषि उत्पादन वाला राज्य है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा के उत्पादन में प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक योगदान है।

यूपी सरकार ने 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश किया, जिसमें पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर है। अपराध में कमी का दावा किया गया। पुलिस भवन, अग्निशमन केंद्र और महिला बीट पुलिस के लिए वाहन की घोषणा हुई। विपक्ष ने आंकड़ों और निवेश पर सवाल उठाए।

राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में 2026-27 का बजट शायराना अंदाज में पेश किया। उन्होंने काव्यात्मक पंक्तियों के साथ बजट पेश करने की शुरुआत की

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2026-27 के बजट को उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण की नवगाथा बताते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने अपनी छवि बदलने में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।

किरेन रिजिजू ने कहा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज भी गलतबयानी कर सदन को गुमराह किया है, इसलिए आज शाम 5 बजे तक उन्हें अपने बयान पर माफी मांगने को कहा गया है, वरना सरकार उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी।