
यूपी की योगी सरकार विधानसभा चुनाव और अंतरिम बजट से पहले एक और अनुपूरक बजट ला सकती है। इस बजट में कुछ नई घोषणाओं के लिए धन का इंतजाम किया जा सकता है।

यूपी की योगी सरकार की निगाहें अब अगले विधानसभा चुनाव पर लग गई हैं। इसी को देखते हुए अनुपूरक बजट में विकास परियोजनाओं का सबसे बड़ा हिस्सा उस हिस्से को दिया गया है जहां सपा से कड़ी टक्कर मिली थी।

यूपी की योगी सरकार मंगलवार को विधानसभा में अनुपूरक बजट लेकर आ रही है। इस बजट के जरिए आंगनबाड़ी-आशा कार्यकर्ताओं, छात्राओं, वकीलों को राहत देने की तैयारी है। यह बजट करीब 40 हजार करोड़ रुपये का हो सकता है।

विधानसभा में अनुपूरक बजट से पहले यूपी की योगी सरकार किसानों को बड़ी राहत देने जा रही है। बजट को मंजूरी के लिए मंगलवार की सुबह कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को मंजूरी मिल सकती है।
संसद भवन परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्ष की तरफ से हुए नाटक पर वार-पलटवार का दौर चल रहा है। इस बीच सोमवार से यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। यहां भी विपक्षी दल के विधायकों की तरफ से उसी तरह का कुछ नजारा देखने को मिल सकता है।
बजट पेश किए जाने से पहले पाकिस्तान की आर्थिक निर्णय प्रक्रिया में गहरा गतिरोध देखने को मिला। नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल (NEC) की बैठक तीसरी बार टाल दी गई, क्योंकि केंद्र सरकार और प्रांतों के बीच सहमति नहीं बन पाई।
यह भी एक ऐतिहासिक घटनाक्रम रहा जब किसी राज्य के मुख्यमंत्री को राज्यसभा के लिए निर्वाचित किया गया हो और उन्होंने पद छोड़ दिया। नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया।
रेलवे बोर्ड ने दिल्ली-यूपी रेल मार्ग पर ट्रैफिक के भारी दबाव को कम करने के लिए गाजियाबाद से मुरादाबाद (141 किमी) के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है। इसके लिए 2.82 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत में लॉकडाउन की कोई गुंजाइश नहीं है। यह गलतफहमी फैलाना नेताओं को छोड़ देना चाहिए। निराधार अफवाहें..जनता के मन में भय फैलाने के लिए कुछ भी कह दो। लॉकडाउन पाकिस्तान में हो रहा है, भारत में नहीं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया था। यह उनका लगातार नौवां बजट भाषण था। बजट का मुख्य केंद्र 'विकसित भारत' और दीर्घकालिक आर्थिक विकास था।